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अब सीधी भर्ती चयन में लिखित परीक्षा के अंक भी जोड़े जाएंगे

10 वर्ष पहले
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जयपुर.प्रदेश में राज्य सेवा और अधीनस्थ सेवा के पदों के लिए अब साक्षात्कार के साथ स्क्रीनिंग के लिए होने वाली लिखित परीक्षा के अंक भी जोड़े जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार के स्तर पर फैसला कर लिया गया, लेकिन विभागों से सेवा नियमों की जानकारी लेकर उनमें संशोधन की तैयारी की जा रही है। कार्मिक विभाग ने सभी एसीएस, प्रमुख सचिव और सचिवों को पत्र लिखा।
कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव सुदर्शन सेठी की ओर से भेजे पत्र के अनुसार ऐसे नियम जिनमें अभ्यर्थियों की संख्या 100 से अधिक होती है, वर्तमान में केवल साक्षात्कार के या साक्षात्कार के साथ लिखित परीक्षा का प्रावधान है। इसमें लिखित परीक्षा सिर्फ स्क्रीनिंग के लिए की जाती है और इसमें मिले अंकों को कुल अंक के साथ नहीं जोड़ा जाता है।
सरकार इस प्रावधान में संशोधन कर लिखित परीक्षा के अंक जोड़ने का प्रावधान शामिल करने जा रही है। इस परिपत्र में यह भी स्वीकार किया गया कि वर्तमान व्यवस्था समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से पारित फैसलों के अनुरूप नहीं होने के साथ-साथ चयन की दृष्टि से सीधी भर्ती के प्रावधान की मूल भावना के अनुरूप भी नहीं है।
शिक्षा पर भारी खर्च के बावजूद परिणाम नहीं आना चिंतनीय : मैथ्यू
मुख्य सचिव सी.के. मैथ्यू ने प्रदेश में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा में भारी-भरकम राशि खर्च किए जाने के बावजूद गुणवत्ता एवं स्तर में वांछित परिणाम नहीं आने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निशुल्क अथवा रियायती दरों पर भूमि आबंटन, आयकर में छूट और निजी क्षेत्रों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
कॉरपोरेट क्षेत्र की सहभागिता के लिए ‘किसके लिए, क्या और कैसे’ तीन सूत्रों पर ध्यान रखना जरूरी है। उच्च शिक्षा में कॉरपोरेट सेक्टर की सहभागिता विषय पर योजना भवन में कार्यशाला में मैथ्यू ने कहा कि कॉरपोरेट क्षेत्र की ओर से सामाजिक सरोकारों पर खर्च होने वाली राशि को प्रगति के परिप्रेक्ष्य में निर्धारित करने की जरूरत है।
एआईसीटीई के अध्यक्ष एस.एस. मंथा ने कहा कि देश में बारहवीं पास करने के बाद तीस लाख से ज्यादा छात्रों के शिक्षा से वंचित होने के तथ्य की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। प्रो. वी.एस. व्यास ने शिक्षा में ऑटोनोमी की जरूरत बताते हुए नियामक व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया।