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पंचायतीराज भर्ती: ऊंची डिग्री पर नहीं मिलेंगे बोनस अंक

9 वर्ष पहले
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जयपुर.पंचायतीराज विभाग में कनिष्ठ लिपिकों (एलडीसी) के पदों पर होने वाली भर्ती के लिए कलेक्टरों को दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इसमें कलेक्टरों को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे पहले पंचायतीराज विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की जाएगी।
सीनियर सेकंडरी की मार्कशीट से मेरिट बनाकर होने वाली भर्ती में धांधली रोकने के लिए ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया तय की गई है। ये आवेदन ठीक उसी तरह से होंगे, जैसे तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती में जिलेवार अलग-अलग आवेदन लिए गए थे। इनमें पांच फीसदी पद कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति देकर भरे जाएंगे।
कंप्यूटर कोर्स का सर्टिफिकेट जरूरी
कनिष्ठ लिपिक के लिए आवेदन करने वालों को सीनियर सेकंडरी की मार्क शीट के साथ किसी मान्यता प्राप्त संस्था से कंप्यूटर कोर्स का सर्टिफिकेट भी पेश करना होगा।
यह कंप्यूटर कोर्स केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग से नियंत्रित डीओईएसीसी से संचालित ‘ओ’ या इससे हायर लेवल के कोर्स का सर्टिफिकेट, वोकेशनल ट्रेनिंग स्कीम के तहत कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, टाटा प्रिपरेशन एंड कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का सर्टिफिकेट, किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस या कंप्यूटर एप्लीकेशंस में डिप्लोमा, किसी पॉलीटेक्निक कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में डिप्लोमा या राजस्थान नॉलेज कॉपरेरेशन लि. से संचालित वर्धमान ओपन यूनिवर्सिटी से सर्टिफिकेट कोर्स इन इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी (आरएससीआईटी) का सर्टिफिकेट लगाना होगा।
एक से अधिक जिले भर सकेंगे :
विभिन्न जिलों के लिए होने वाली भर्ती में एक से अधिक जिलों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
18 से 35 वाले पात्र :
कनिष्ठ लिपिकों की भर्ती के लिए सीनियर पास अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा 18 से 35 साल तय की जाएगी। आरक्षित वर्ग के लिए आयु में छूट दी जाएगी।
नहीं जुड़ेंगे डिग्रियों के नंबर :
कनिष्ठ लिपिकों की भर्ती में सीनियर सैकंडरी के अलावा उच्च शिक्षा की डिग्री के नंबर नहीं जोड़े जाएंगे।
कोई फार्मूला तय नहीं :
विज्ञान, वाणिज्य और कला विषय में सीनियर सैकंडरी पास करने वाले अभ्यर्थियों को एक ही कतार में रखा जाएगा। इनमें जिसके ज्यादा नंबर होंगे वे ऊपर और जिसके कम होंगे, वे घटते क्रम में नीचे आते जाएंगे।
विषयवार अलग-अलग रखने या उसके लिए कोई फार्मूला बनाने का अभी सरकार का कोई विचार नहीं है। उल्लेखनीय है कि भास्कर की ओर से सीधी भर्ती को लेकर पाठकों से ली गई राय में यह भी तथ्य सामने आया कि विज्ञान, वाणिज्य और कला वर्ग में नंबर देने की प्रक्रिया अलग होने से इसके लिए फार्मूला तय किया जाना चाहिए।