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IIT-JEE सिंगल एंट्रेंस में हुआ बड़ा बदलाव

9 वर्ष पहले
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जयपुर.आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी और सेंट्रल फंडेड इंस्टीट्यूशन में एडमिशन के लिए अगले साल होने जा रहे सिंगल एंट्रेंस में बड़ा बदलाव हुआ है। नए नियम के मुताबिक एनआईटीज, ट्रिपल आईटीज, सीएफआई व सरकारी यूनिवर्सिटीज में एडमिशन मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा, जो 40 प्रतिशत बोर्ड एग्जाम के मार्क्‍स व 60 प्रतिशत जेईई मेन्स के स्कोर के आधार पर बनाई जाएगी। बोर्ड व इसके समकक्ष परीक्षा के मार्क्‍स नॉर्मलाइजेशन कर (सभी बोर्ड को एक आधार मानकर) एडमिशन दिया जाएगा। यानी अब एनआईटीज में एडमिशन के लिए जेईई एडवांस परीक्षा देना जरूरी नहीं होगा। पहले 40 प्रतिशत मेन्स, 30 प्रतिशत एडवांस और 30 प्रतिशत 12वीं बोर्ड का वेटेज तय था। पहले एडवाइजरी बोर्ड की मीटिंग के बाद ऐसा बताया जा रहा था। और क्या प्राइवेट यूनिवर्सिटी, कॉलेज और स्टेट यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए कोई भी राज्य अपने हिसाब से जेईई मेन्स व बोर्ड के मार्क्‍स का फॉमरूला बना सकते हैं। जैसा गुजरात स्टेट एग्जाम की जगह जेईई मेन्स का स्कोर ले रहा है। इसके साथ कुछ यूनिवर्सिटीज चाहें तो इसी रेशो में एडमिशन ले सकते हैं। एक्सपर्ट व्यू विशेषज्ञ आशीष अरोड़ा कहते हैं, एडवाइजरी बोर्ड के पहले नियम के मुताबिक जो स्टूडेंट्स आईआईटी-जेईई के मुश्किल स्तर पर तैयारी नहीं कर पाते उन्हें एडवांस परीक्षा की तैयारी भी करनी पड़ती। चूंकि हर बच्चे के लिए इस स्तर की तैयारी करना आसान नहीं है। इस नियम से स्टूडेंट्स को तैयारी करना आसान होगा। साथ ही वे अपने स्टेट या सीबीएसई बोर्ड पर ज्यादा फोकस कर पाएंगे, क्योंकि जेईई मेन्स का सिलेबस 11वीं व 12वीं का ही सिलेबस है।