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सोची ओलिम्पिक खेल शुरू, उद्घाटन समारोह में बिना तिरंगे का पहुंचा भारत

7 वर्ष पहले
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सोची. पिछले कई माह से चले आ रहे विवादों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के कहे अनुसार फिश्ट ओलिंपिक स्टेडियम में 22वें शीतकालीन सोची ओलिंपिक खेलों का उद्घाटन भव्य समारोह के साथ शुरू हुआ।

कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम टेडियम में 40 हजार दर्शक उपस्थित थे। अरबों रुपए खर्च कर तैयार किया गया ओलिम्पिक स्टेडियम पूरी तरह जगमगा रहा था। उद्घाटन समारोह का टेलीविजन पर सीधा प्रसारण किया गया, जिसे दुनिया के करीब 3 करोड़ लोगों ने देखा।

इस बार स्पर्धा में रिकॉर्ड 88 देशों के तीन हजार एथलीट 98 गोल्ड मेडल के लिए फाइट करेंगे। सोची ओलिम्पिक मशाल यहां पहुंचने से पहले विश्व के विभिन्न देशों में रिले के दौरान 39 हजार मील तय किया।

उद्घाटन समारोह के दौरान शर्मसार होना पड़ा क्योंकि इसमें तीन भारतीय खिलाडि़यों को राष्ट्रीय ध्वज के बिना ही शिरकत करना पड़ा। इसका कारण यह है कि भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन (आईओए) को अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) ने प्रशासनिक कारणों से निलंबित किया हुआ है। इसी वजह से भारत के लूज खिलाड़ी शिवा केशवन, एलपाइन स्कायर हिमांशु ठाकुर और क्रास कंट्री स्कायर नदीम इकबाल आईओसी ध्वज के तले प्रतियोगिता में हिस्स ले रहे हैं।

ये सभी भारतीय एथलीट ‘व्यक्तिगत एथलीटों’ के वर्ग के अंतर्गत शीतकालीन खेलों में हिस्सा लेंगे और ओलिंपिक ध्वज का प्रतिनिधित्व करेंगे। आईओसी ने दिसंबर 2012 में आईओए को ओलिंपिक चार्टर का पालन नहीं करने के लिये प्रतिबंधित किया था। इसके कारण भारतीय एथलीटों, जिसमें मुक्केबाज शामिल हैं, को विश्व संस्था के झंडे तले टूर्नामेंटों में भाग लेना पड़ा रहा है।

ओपनिंग सेरेमनी के दौरान भारतीय एथलीट्स के लिए शर्मनाक स्थिति तब पैदा हुई, जब उनके बाद पाकिस्तान और नेपाल के एथलीट्स अपने-अपने देशों के झंडे के साथ मंच पर आए।

आगे की स्लाइड पर क्लिक कर देखिए उद्घाटन समारोह की तस्वीरें

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