डीटीएफ की नंदिता चुनी गईं डूटा की अध्यक्ष

8 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. डूटा (दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ) के चुनाव में डीटीएफ प्रत्याशी डॉ. नंदिता नारायण ने 2705 वोट के साथ जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी इंटेक प्रत्याशी डॉ. अश्वनी शंकर को 786 वोट के अंतर से हराया है।

जीत के बाद नंदिता ने कहा कि जल्द ही डीयू प्रशासन की गलत नीतियों पर डूटा की बैठक बुलाकर एजेंडा तय किया जाएगा और फोर ईयर स्नातक और रिक्त प्राध्यापक पदों पर नियुक्ति को लेकर कुलपति और सरकार का घेराव किया जाएगा। मतगणना में 471 वोट इनवैलिड करार दिए गए। बता दें कि 2011 में हुए चुनाव में भी डीटीएफ से डॉ. अमरदेव शर्मा अध्यक्ष पद पर चुनाव जीते थे।


नंदिता सेंट स्टीफन कॉलेज में गणित की वरिष्ठ प्राध्यापिका हैं। उन्होंने बताया कि यह डीयू प्रशासन के विरुद्ध प्राध्यापकों के आक्रोश को व्यक्त करती है।

स्क्रिनिंग प्वाइंट हटाने पर करेंगे बुलंद आवाज
॥सबसे पहले प्राध्यापकों की नियुक्ति में स्क्रिनिंग प्वाइंट को हटवाने के लिए प्रयास किया जाएगा। नियुक्ति बोर्ड में गवर्निंग बॉडी और कुलपति के दो-दो सदस्य होते थे, जबकि एक विषय का टीचर इंचार्ज होता था। अब चारों सदस्य कुलपति की मर्जी से इंटरव्यू बोर्ड में होंगे, तो फिर पारदर्शिता कहां रही? इसका विरोध किया जाएगा। 2007 में रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए रोस्टर बनाया गया था जिसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। उसे लागू कराएंगे।

डॉ. नंदिता नारायण, नवनिर्वाचित डूटा अध्यक्ष
अध्यक्ष पद पर किस प्रत्याशी ने लिए कितने वोट
प्रत्याशी वोट मिले शिक्षक संगठन
डॉ. नंदिता नारायण 2705 डीटीएफ
डॉ. अश्वनी शंकर 1919 इंटेक
डॉ. प्रमोद सी शर्मा 818 एनडीटीएफ
डॉ. शिबा सी पांडा 561 एएडी से अलग