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टेस्ट फाइल

8 वर्ष पहले
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जयपुर.हाईकोर्ट के दिशा निर्देशों के बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी ने 279 असिस्टेंट प्रोफेसर्स को एसोसिएट प्रोफेसर (रीडर) बनाने की राह खोल दी है। राजस्थान यूनिवर्सिटी इन शिक्षकों को कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत यह पदोन्नति देगा। यूनिवर्सिटी के कुलसचिव निष्काम दिवाकर के अनुसार इस संबंध में एक कमेटी का गठन भी किया गया है। साथ ही इन सभी असिस्टेंट प्रोफेसर्स से एप्रेजल फार्म और बायोडेटा यूनिवर्सिटी के विभागों के माध्यम से मांगे गए है। जो मिल चुके है। अब दिसंबर से पहले तक स्क्रिनिंग और इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद पदोन्नति के लिफाफे खोलने का प्रोसेस होना बाकी रहेगा। हाईकोर्ट ने इन शिक्षकों के हक में पदोन्नति सहित अन्य फायदे देने का फैसला दिया है। इन शिक्षकों को पदोन्नति के बाद मिलने वाली वेतनवृद्धि का लाभ 2008 से ही मिलेगा। पुराने कार्यकाल के एरियर का भुगतान नहीं मिलेगा। उदाहरण के तौर पर किसी शिक्षक की नियुक्ति 1990 में हुई तो वह 1999 में रीडर बनने के लिए योग्य बना। ऐसे में उसे 1999 से रीडर तो माना जाएगा लेकिन वित्तीय फायदे 2008 के बाद से मिलेंगे।
रीडर बनने से पहले सीनियर स्केल यूनिवर्सिटी के अधिकृत सूत्रों के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया के साथ-साथ इन सभी 279 असिस्टेंट प्रोफेसर्स को वेतन में सीनियर स्केल का लाभ भी दिया जाएगा। यानी की बेसिक करीब 28 हजार से बढ़कर करीब 33 हजार रुपए हो जाएगी। यूजीसी के नियम अनुसार सीनियर स्केल मिलने के बाद ही पदोन्नति मिलती है। इस वजह से सीनियर स्केल की प्रक्रिया संभवत: दिसंबर से पहले ही मिलेगी। 10 से अधिक हो गए रिटायर स्थाई होने और उसके बाद प्रमोशन का इंतजार कर रहे 10 से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसर ऐसे है जो रिटायर हो चुके है। ऐसे में अब इन्हें रिटायरमेंट के बाद प्रमोशन का फायदा मिलेगा।















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