ऑटो इंफो /किसी बाइक में इस तरह काम करता है एबीएस



how to work abs system in bike
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how to work abs system in bike

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2019, 06:23 PM IST

ऑटो डेस्क, क्षितिज राज, ग्रेटर नोएडा. 1 अप्रैल, 2019 से 125 सीसी से बड़े इंजन की बाइक्स में एबीएस(एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) को अनिवार्य कर दिया गया है। हमारे देश में कई लोग पहली बार इस तरह के सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं क्योंकि अब यह लगभग हर छोटी बाइक में दिया जा रहा है। पिछले दो महीने से एबीएस की वजह से सर्विस सेंटर पर राइडर्स की आवक भी बढ़ी है क्योंकि लोग जानते ही नहीं कि एबीएस काम कैसे करता है। लोग ब्रेक लगाते हैं और अजीब-सा महसूस करते हैं (जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया) इसकी शिकायत लेकर सर्विस स्टेशन पहुंचते हैं। इन बातों को जानकर आप सर्विस स्टेशन जाने की मेहनत से बच सकते हैं... 

  • रोकता नहीं, स्पीड कम करता है

    राइडर्स अक्सर डरते हुए अगला ब्रेक लगाते हैं, जबकि बाइक की स्पीड आगे के टायर से ज्यादा असरदार ढंग से कम होती है। इस डर के पीछे यह था कि ज्यादा दबाव से अगला टायर लॉक हो जाएगा और बाइक क्रैश हो जाएगी। एबीएस इसी क्रैश को रोकता है। यह ब्रेक प्रेशर को रेगुलेट करता है और टायर को लॉक नहीं होने देता। एबीएस अगले टायर को एकदम नहीं रोकता, स्पीड को लगभग रुकने जैसी स्थिति में ले आता है।

  • अलग क्यों महसूस होता है

    जब आप एबीएस वाली बाइक चलाते हैं तो ब्रेक लगने पर वाइब्रेशन, डगमगाहट, कंपन, झनझनाहट जैसा कुछ महसूस होता है जो बेहद सामान्य है। एबीएस अप्लाई करने पर ब्रेक लीवर पर होने वाले कंपन नॉर्मल हैं, इसी के साथ कुछ आवाज भी ब्रेक में से आती महसूस हो सकती है। जब आप पहली बार इसका उपयोग करते हैं तो चौंक जाते हैं लेकिन इससे डरकर ब्रेक लीवर नहीं छोड़ना चाहिए। वक्त के साथ इसकी आदत हो जाएगी और ब्रेक को ज्यादा भरोसे के साथ लगा पाएंगे। इन ब्रेक्स को अप्लाई करने के साथ बाइक की दिशा बदलने की आदत भी खतरों से दूर करने में मददगार साबित होती है। 

  • यह भी जानिए

    • एबीएस का असर सड़क की स्थिति पर भी निर्भर है। चिकनी सड़कों पर यह ज्यादा असरदार है जबकि कच्ची सड़कों पर यह अनिश्चित हो जाते हैं। स्पीडब्रेकर्स और गड्ढों पर थोड़ा-सा लीवर दबाने पर भी यह एक्टिव हो जाते हैं क्योंकि अगला टायर हवा में होता है और सिस्टम को यह कन्फ्यूज कर देता है। 
    • इन पर जरूरत से ज्यादा भरोसा ना करें और गति सीमित ही रखें, इनकी भी एक सीमा होती है। 

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