पहल / अब पेट्रोल-डीजल की भी होगी होम डिलेवरी, उपभोक्ता को नहीं देना होगा कोई अतिरिक्त शुल्क

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  • देश की बड़ी ऑयल कंपनियां नए साल से यह सुविधा भोपाल समेत अन्य राज्यों की राजधानी से शुरू करेंगी
  • 2020 जनवरी से पायलट प्रोजेक्ट भोपाल में शुरू हो जाएगा, 05 टैंकर से शुरूआत होगी, 05 से छह हजार लीटर होगी एक टैंकर की क्षमता

Dainik Bhaskar

Dec 05, 2019, 11:08 AM IST

भीम सिंह मीणा. राजधानी में बड़े ट्रांसपोर्ट व्यावसायियों को जल्दी ही उनके कार्य स्थल पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराया जाएगा। इनमें बड़े बस आैर ट्रक ऑपरेटर, बिल्डर्स एवं कांट्रेक्टर्स शामिल रहेंगे। यह पायलट प्रोजेक्ट जनवरी 2020 से भोपाल शहर में शुरू हो जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत पांच टैंकर शुरू किए जा रहे हैं, जिनकी क्षमता पांच से छह हजार लीटर की रहेगी। यह टैंकर भोपाल, सीहोर, रायसेन समेत अन्य चुनिंदा जिलों में तैनात किए जाएंगे। इनका संचालन इंडियन ऑयल कंपनी लिमिटेड की देखरेख में डीलर्स द्वारा ही किया जाएगा। लेकिन इन टैंकर्स का डिजाइन पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी आर्गनाइजेशन ने तैयार किया है, उसी मापदंड के मुताबिक इन्हें बनाया जा रहा है। यह टैंकर वर्तमान टैंकर की अपेक्षा ज्यादा सुरक्षित होंगे। इन टैंकर को मोबाइल डिस्पेंसर वैन नाम दिया गया है। इन्हीं के जरिए आपके घर और कार्यस्थल से लेकर प्रोजेक्ट स्थल और खेतों तक डीजल पहुंचाया जाएगा।

बड़ी बात यह है कि घर पहुंच सेवा में अतिरिक्त शुल्क उपभोक्ता को नहीं देना होगा। प्रतिदिन की रिटेल सेलिंग प्राइज के अनुसार ही पेट्रोल -डीजल के दाम चुकाने होंगे। फिलहाल पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है कि कहां-कहां यह सेवा शुरू की जा सकती है। वहीं इस मामले में भोपाल जिले में कुछ पंपों का सर्वे भी हो चुका है। बता दे आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल डीजल की आपूर्ति आसान बनाएगी। उपभोक्ता द्वारा मांग करने पर तेल कंपनियां पेट्रोल पंप संचालक को सूचित करेंगी, फिर वहां से डिस्पेंसर वेन रवाना होगी।

भारी वाहनों का प्रवेश रोकने की नई पहल

  1. राजधानी के बाद दूसरे जिलों में भी इसकी शुरुआत होगी। पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से अनुमति मिलते ही इसके सुविधा को एप या मोबाइल नंबर से जोड़ा जाएगा, ताकि लोग कॉल करके इस सुविधा का लाभ ले सकें।

  2. भारी वाहन होंगे शहर से बाहर

    आईओसीएल के अधिकारी बताते हैं कि यह सुविधा शुरू होते ही भारी वाहन शहर से बाहर ही रहेंगे। अभी तमाम वाहन शहर में स्थित पेट्रोल पंप से डीजल भरवाने आते हैं। इससे शहर में प्रदूषण बढ़ता है और ट्रैफिक जाम भी लगता है। आईओसीएल ने इसके लिए तमाम कंपनियों और कांट्रेक्टर की सूची बनाना शुरू कर दी है, जिनके पास बड़ी संख्या में भारी वाहन हैं। ऐसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से संपर्क करके उन्हें सुविधा देने की तैयारी है। इसके अलावा सरकारी निगम, मंडल और अन्य विभाग जहां बड़ी संख्या में भारी वाहन हैं, उन्हें भी इस सुविधा से जाेड़ा जाएगा।

  3. डोर टू डोर..

    भारत सरकार ने पेट्रोल-डीजल की घर पहुंच सेवा के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। पहले चरण में पांच मोबाइल डिस्पेंसर वेन (टैंकर वाहन) शुरू किए जा रहे हैं। जनवरी 2020 से यह सेवा प्रारंभ हो जाएगी। इसकी रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी। उसके बाद जो निर्देश मिलेंगे उसके हिसाब से आगामी कार्रवाई की जाएगी। - पी. देशमुख, फ्लीट ऑफिसर, आईओसीएल

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