ऑटो मिथ / कुछ पुरानी बातें जिन्हें आज की टेक्नोलॉजी ने गलत साबित कर दिया



Some of the old things related to cars have been proved wrong by the increasing technology.
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Some of the old things related to cars have been proved wrong by the increasing technology.

Dainik Bhaskar

Aug 10, 2019, 12:16 PM IST

ऑटो डेस्क, क्षितिज राज, ग्रेटर नोएडा. ऑटो बाजार में तेजी से नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है। पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कार के साथ अब मार्केट में इलेक्ट्रिक और सोलर एनर्जी से चलने वाली कार भी आ चुकी हैं। लगातर बढ़ती टेक्नोलॉजी ने कई ऐसी पुरानी बातों को गलता साबित कर दिया है, जिनके कभी सफर के दौरान मानना ही पड़ता था।

  • ऑटोमैटिक गाड़ियां ज्यादा फ्यूल पीती हैं

    ऑटोमैटिक गाड़ियां ज्यादा फ्यूल पीती हैं

    ज्यादा नहीं बीस साल पहले की बात करें तो कंपनियां खुद क्लेम करती थीं कि ऑटोमैटिक वर्जन में कम माइलेज मिलेगा। टेक्नोलॉजी में तेजी से बदलाव हुआ और अब जमाना सीवीटी ट्रांसमिशन्स का है जो 8 से ज्यादा गिअर अपने में समेट लेती है। यह सिस्टम आपसे बेहतर जानता है कि कब इंजन को फ्यूल की ज्यादा जरूरत है और कब नहीं। साफ है कि गाड़ी ज्यादा माइलेज देगी। वैसे आज भी उदाहरण मिल जाएंगे कि मैन्युअल ट्रांसमिशन में ज्यादा माइलेज मिल रहा है लेकिन यह अब आम नहीं है। 

  • पार्किंग ब्रेक से गाड़ी हर हालत में रोकी जा सकती है

    पार्किंग ब्रेक से गाड़ी हर हालत में रोकी जा सकती है

    अगर आपकी गाड़ी के ब्रेक फेल हो गए हैं, तो ही यह सही है। अब वक्त है एबीएस का। एबीएस हमेशा ही बेहतर ढंग से गाड़ी को रोकते हैं। अगर आप ऐसा करेंगे तो यह अपनी कार के चारों व्हील्स पर एबीएस की एडवांस सुविधा को हटाकर, केवल पिछले टायर को सीमित इंसानी नियंत्रण से रोकने जैसा होगा। वैसे यह हरकत कभी भी अपने आप नहीं होती है, लोग भ्रांति में फंसकर ही ऐसा कर जाते हैं। 

  • ड्राइव करने से पहले कार को अच्छे से गर्म करो

    ड्राइव करने से पहले कार को अच्छे से गर्म करो

    ठंड के मौसम में लोग टोकते हैं कि कार को कुछ देर खड़ा रखकर गर्म करना चाहिए। सच्चाई यह है कि नए जमाने की कारों के इंजन को ऐसी कोई जरूरत नहीं होती है। बेहतर यही है कि आप बेशकीमती फ्यूल को फिजूल ना जलाएं और पर्यावरण का बहुत ख्याल करें। 

  • स्टीयरिंग पर अपने हाथ 10 और 2 की स्थिति में रखो

    स्टीयरिंग पर अपने हाथ 10 और 2 की स्थिति में रखो

    घड़ी जब दस बजकर दस मिनट दिखाती है, तो उसके कांटों की जो स्थिति बनती है, वही कार के स्टीयरिंग को पकड़ने के लिए अपनाने को कहा जाता था। कार सिखाने वाले तो अब भी नए ड्राइवर को स्टीयरिंग थोड़ा ऊपर से पकड़ने को कहते हैं। यह बात तब सही थी, जब पावर स्टेयरिंग और पावर बैग्स नहीं हुआ करते थे क्योंकि इसमें स्टीयरिंग पर पकड़ ज्यादा मजबूत बनती थी। अब ऐसा करना जरूरी नहीं है क्योंकि कार को हैंडल करने के लिए अब ताकत की कोई जरूरत नहीं। अब तो आप किसी रेस कार के ड्राइवर के समान आराम से टिककर हाथों को घड़ी के सवा नौ दिखाने यानी 9 और 3 की स्थिति में भी रख सकते हैं। 

  • हर 5000 किलोमीटर चलने पर इंजन ऑइल बदलो

    हर 5000 किलोमीटर चलने पर इंजन ऑइल बदलो

    वक्त के साथ इंजन तो बदले ही हैं, ऑइल की टेक्नोलॉजी में भी बेहतरी हुई है। अब बिल्कुल जरूरत नहीं है कि हर 5000 किलोमीटर चलने पर ऑइल बदला जाए। यह रेंज अब तो 16000 किलोमीटर तक पहुंच गई है। आमतौर पर नई टेक्नोलॉजी वाली गाड़ियों में अब ऑइल बदलवाने का अंतराल बढ़ा दिया गया है और इसे यूजर मैन्युअल में देखा जा सकता है। कंपनियां इस बारे में कभी गलत जानकारी नहीं देंगी। 

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