ऑटो अलर्ट / बाइक क्रैश से वापसी में बेहद मददगार साबित हो सकती हैं ये बातें

What to do if you have a motorbike accident
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What to do if you have a motorbike accident

दैनिक भास्कर

Aug 31, 2019, 11:54 AM IST

गैजेट डेस्क. बाइक चलाने वाला हर राइडर यह अच्छी तरह जानता है कि वो कितनी रिस्क ले रहा है। भारत में बाइक चलाने वाले इस तथ्य से कहीं ना कहीं सहमत रहते हैं कि किसी भी वक्त में वे "क्रैश' का सामना कर सकते हैं। एक छोटा-सा एक्सिडेंट भी किसी भी बाइक राइडर को बुरी तरह हिलाकर रख देता है। अपनी गलतियों से सीखना तो जीवनभर का काम है और बाइक राइड पर भी यही बात लागू होती है। किसी क्रैश के बाद एक बाइक राइडर जब फिर से मोटसाइकिल पर सवार होता है तो ये बातें उसकी बहुत मदद करेंगी।

 

1. पिछले क्रैश से सीख जरूर लीजिए। जैसे अगर आप बाइक को कीचड़ से गुजारकर सूखी सड़क पर लेकर आए थे और सूखी सड़क पर पहुंचते ही टायर फिसल गया और आप जमीन पर गिर गए, तो उस दिन के बाद आप हमेशा कीचड़ से बाइक गुजारने के बाद कुछ मीटर तक बेहद सावधानी से चलेंगे और रफ्तार भी कभी नहीं बढ़ाएंगे। इसी तरह हर एक्सिडेंट आपको कुछ न कुछ सिखाता ही है, सीखना भी चाहिए। क्रैश का विश्लेषण ही हमें हमारी सीमाओं का अहसास दिलाता है और उन्हीं स्थितियों का सामना बेहतर ढंग से करने के लिए तैयार भी करता है। 

 

2. अगर आपको ज्यादा चोट आई है तो पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद ही राइड के बारे में सोचना चाहिए। आपका शारीरिक रूप से ठीक होना तो जरूरी है ही मानसिक और भावनात्मक तौर पर भी मजबूत होना बेहद अहम है। क्रैश के बाद राइडर को पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर(पीटीएसडी) होना बहुत आम बात है। यहां आपको डर से आगे जीत ढूंढना होगी। खुद को उस स्थिति में लाना होगा जब बाइक चलाने की इच्छा, इस डर से बड़ी हो जाए। 

 

3. हेलमेट सबसे जरूरी है। यह ना केवल गहरी चोट से आपको बचाता है बल्कि तेज झटके को भी सहन कर जाता है। हमेशा अच्छे से अच्छा हेलमेट ही खरीदना चाहिए, वरना पहनने का फायदा नहीं होगा। यह भी ध्यान रखें कि हेलमेट पूरी तरह फिट हो। यह हमेशा के लिए होते हैं इसलिए छोटी राइड पर भी पूरी तैयारी के साथ ही निकलिए। 

 

4. मोटरसाइकिल बेहद नाजुक होती हैं। क्रैश झेलने के बाद इसे ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर पर ले जाना ना भूलें। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही इसे दोबारा राइड पर ले जाने के बारे में सोचें। एबीएस जैसे फीचर अगर बाइक में नहीं हैं तो अपग्रेड के बारे में जरूर विचार करें। ये सेफ्टी फीचर ना केवल बाइक को वक्त पर रोकता है बल्कि स्किड होने से भी बचाता है। 

 

5. इस बात को स्वीकारें कि क्रैश किसी के साथ भी संभव है। साथ ही इस तथ्य को भी ना भूलें कि इस क्रैश से पहले भी आपने इतने वर्षों तक बाइक चलाई है। अपने क्रैश के बारे में दूसरे राइडर्स से बात करें और उनसे भी कारण जानने की कोशिश करें। सब्र के साथ इस बुरे दौर से बाहर आएं। सड़क पर गुस्से और बेचैनी के लिए कोई जगह नहीं होती है। 

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