पंचायत चुनाव में शराब ही शराब:ड्राई स्टेट की 1 पंचायत में 25 अवैध शराब भट्ठियां, 23 मौतों के पीछे वोट फिक्सिंग के लिए दारू पार्टियां!

पटनाएक महीने पहलेलेखक: शालिनी सिंह
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बिहार में पिछले 61 दिनों में 3 करोड़ 38 लाख लीटर शराब जब्त की गई है। -प्रतीकात्मक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
बिहार में पिछले 61 दिनों में 3 करोड़ 38 लाख लीटर शराब जब्त की गई है। -प्रतीकात्मक तस्वीर।

बिहार पंचायत चुनाव में शराब ही शराब है। ये हम नहीं, छह चरणों में शराब जब्ती के आंकड़े बता रहे हैं। चुनावी जिलों से चरणवार सामने आए इन आंकड़ों के मुताबिक बिहार में 1 नवंबर से बिहार में शुरू हुई चुनावी प्रक्रिया के दौरान 1 लाख से अधिक अवैध शराब भट्ठियां तोड़ी जा चुकी हैं। वहीं, 3 करोड़ 38 लाख लीटर शराब बहाई जा चुकी है।

6 चरणों में 1 लाख से अधिक भटि्ठयां तोड़ी गईं
पंचायत चुनाव के दौरान बिहार में लाखों लीटर शराब बनाई जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक, बीते 1 सितंबर से 3 नवंबर तक बिहार में 3 करोड़ 38 लाख लीटर शराब जब्त हो चुकी है। वहीं 1 लाख से अधिक शराब भटि्टयां तोड़ी जा चुकी है। ये आंकड़े सरकारी हैं जो विभिन्न जिलों के पुलिस ने कार्रवाई के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को दिए हैं।

  • राज्य में पहले चरण के पंचायतों में 54 लाख 6 हजार 143 लीटर शराब जब्त हुई और 12 हजार 54 भट्टियां तोड़ी गईं।
  • दूसरे चरण के पंचायतों में 56 लाख 16 हजार 783 लीटर शराब जब्त हुई और 14034 भटि्टयां तोड़ी गईं।
  • तीसरे चरण के पंचायतों में 57 लाख 60 हजार 072 लीटर शराब जब्त हुई और 16 हजार 363 भटि्टयां तोड़ी गईं।
  • चौथे चरण के पंचायतों में 59 लाख 22 हजार 954 लीटर शराब जब्त हुई और 19 हजार 410 शराब भटि्टयां तोड़ी गईं।
  • पांचवें चरण के पंचायतों में 59 लाख 63 हजार 958 लीटर शराब जब्त हुई और 20 हजार 193 भटि्टयां तोड़ी गईं।
  • छठे चरण के पंचायतों में 61 लाख 81 हजार 802 लीटर शराब जब्त हुई और 22 हजार 774 भटि्टयां तोड़ी गईं।

हर पंचायत में 25 अवैध शराब भटि्ठयां
जिलों से सामने आए आंकड़ों पर गौर करें तो बिहार में हर पंचायत में औसत 25 शराब भटि्टयां चल रही थीं, जिसे तोड़ने का दावा जिला प्रशासन कर रही हैं। पहले चरण से लेकर छठे चरण तक बिहार के कुल 4 हजार 93 पंचायतों में चुनाव संपन्न हुए हैं। पहले चरण में 151 पंचायतों में ,दूसरे चरण में 692 पंचायतों में, तीसरे में 756 पंचायतों में, चौथे चरण में 799 पंचायतों में, 5वें चरण में 845 पंचायतों में और छठे चरण में 850 पंचायतों में। अब पंचायतों की संख्या से अगर तोड़े गए अवैध भटि्ठयों की संख्या की तुलना करें तो खुद सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बिहार की 1 पंचायच में औसत 25 अवैध शराब भटि्ठयां चलाई जा रही थीं।

वोट फिक्सिंग के लिए हो रही शराब पार्टियां
बिहार में बड़ी मात्रा में अवैध शराब निर्माण की बड़ी वजह पंचायत चुनाव को माना जा रहा है। चुनाव के कारण शराब की मांग में जबदस्त तेजी आई है। जिसकी वजह से इसके अवैध निर्माण और तस्करी में भी तेजी दिख रही है। असल में चुनाव में वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए उम्मीदवार शराब पार्टियां आयोजित कर रहे हैं। अवैध तरीके से बनाई जा रहीं ये शराब कई बार जहरीली हो जाती है जिसे पीने से बीते 2 दिनों में 23 लोगों की मौत हो गई है। इस साल अब तक इससे 90 लोगों की मौत हो चुकी है।