शिक्षा कार्यालय में 50% कर्मी नहीं रहते, अन्य जिलों से आते-जाते हैं

Ara News - सरकारी आदेश के विपरीत जिला शिक्षा कार्यालय, भोजपुर में पचास प्रतिशत स्टाफ मुख्यालय में नहीं रहकर पटना व अन्य...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 06:21 AM IST
Ara News - 50 of the workers do not live in the education office they come from other districts
सरकारी आदेश के विपरीत जिला शिक्षा कार्यालय, भोजपुर में पचास प्रतिशत स्टाफ मुख्यालय में नहीं रहकर पटना व अन्य जगहों से आना-जाना प्रतिदिन करते हंै। इससे जिला शिक्षा कार्यालय में लेटलतीफी सामान्य बात हो गई है। इस वजह से सरकारी काम-काज बाधित हो रहा है। बताया जाता है कि जिला शिक्षा कार्यालय में लगभग 50 लिपिक और लगभग 20 परिचारी नियुक्त हंै। जिसमें 50 प्रतिशत कर्मी पटना और बाहर से आना जाना कार्यालय करते हैं। इस बारे में जिला शिक्षा पदाधिकारी कौशल किशोर कहते हैं कि कोई कर्मचारी कहीं से आए, उससे मुझे कोई मतलब नहीं है। वे समय पर सिर्फ ऑफिस में दिखे, यही सबसे बड़ी बात है। दूसरी तरफ, सरकारी कर्मियों के आवासन के नियम पर जिला जनसंपर्क कार्यालय की राय अलग है। इस बारे में जिला जन संपर्क पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने स्पष्ट कहा कि सरकारी आदेशानुसार मुख्यालय में पदस्थापित अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने मुख्यालय में ही रहना है। इस बारे में स्पष्ट सरकारी नियम है। इसका अनुपालन करना हर सरकारी के लिए जरूरी है। इस बीच, जिला शिक्षा कार्यालय के स्टाफ के आवासन, लेटलतीफी व कार्यशैली खुद-ब-खुद सवालों के घेरे में आ गया है।

डीपीओ अपने कक्ष में नहीं मिले

कोचिंग संस्थानों से आए संचालक राजेन्द्र ठाकुर, प्रफुल्ल सिन्हा ने बताया कि समग्र शिक्षा के डीपीओ अपने कक्ष में नहीं है। कर्मी मधुसुदन ने बताया कि वे छुटृटी पर है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कौशल किशोर अपने कक्ष में फाईलों का निपटारा करते दिखे। माध्यमिक शिक्षा के डीपीओ कृष्ण मुरारी गुप्ता व स्थापना के डीपीओ रामाधार शर्मा अपने कार्य में मशगुल दिखे। इधर, कस्तूरबा संभाग प्रभारी संध्या व समावेशी शिक्षा कॉडिनेटर श्वेता कुमारी की कुर्सी खाली थी। पुछने पर कर्मचारियों ने बताया कि वे कार्यालय के कार्य से फिल्ड में है। उनके कार्यालय में सिर्फ दो कर्मी कम्प्यूटर पर काम करते मिले।

पेड़ के नीचे बैठकर इंतजार करते हंै लोग

सरकारी बाबूओ व कर्मचारियों के इंतजार में जिला शिक्षा कार्यालय के प्रांगण में पेड़ के नीचे बैठकर कार्य कराने आए शिक्षक व छात्र घंटों इंतजार करते रहते हैं। पेड़ के नीचे छात्रवृर्ति से संबंधित शिकायत को लेकर मीरगंज से आई सुलेखा कुंवर ने बताया कि मेरी बच्ची का सभी बैंक का कागजात व आईडी देने के बाद भी अभी तक खाते में पैसा नहीं आया। कर्मी बता रहे हैं कि कल आइए, मुलाकात हो जाएगी, कं्योकि पटना से कर्मी आते हैं। कोचिंग सेन्टर के रजिस्ट्रेशन फार्म के बारे में जानकारी लेनी थी। दो दिन से हमलोग आ रहे है पर समग्र शिक्षा के डीपीओ राघवेन्द्र प्रताप सिंह से मुलाकात ही नहीं हो रही कि कोई जानकारी मिले, कर्मचारी उन्ही से बात करने की बात कह रहे हैं।

भास्कर पड़ताल

शनिवार को सुबह 11:30 में जिला शिक्षा कार्यालय की पड़ताल की गई। कई कर्मचारियों व अधिकारियों की कुर्सी खाली मिली। कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों के समय पर नहीं आने से छात्रों समेत शिक्षक भी कार्य कराने में परेशान हो रहे थे। कई कर्मियों ने दबे जुबान में बताया कि कुछ कर्मी पटना से श्रमजीवी एक्सप्रेस व अन्य ट्रेनों से आते हैं। इसलिए कार्यालय लेट पहुंचते हैं। कई कर्मचारी 2 से 3 बजे दोपहर तक पहुंचते है। इस कार्यालय के प्रांगण में कर्मचारियाें का इंतजार कर रहे पीरो से आए शिक्षक रामएकबाल सिंह, छात्र श्याम कुमार सिंह, राघव कुमार ने बताया कि सुबह 10:20 से ही खड़े हैं, पर कर्मचारी अभी तक आए ही नहीं है, कैसे फाॅर्म जमा करें।

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