स्कूल के बदतर हालात और सरकारी उपेक्षा से नाराज छात्रों ने किया हंगामा

Ara News - गंगा नदी के पार बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर खवासपुर पंचायत का इकलौता प्लस टू विद्यालय सरकारी उपेक्षाओं के कारण...

Dec 05, 2019, 06:11 AM IST
Ara News - angry students created ruckus due to bad school conditions and government neglect
गंगा नदी के पार बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर खवासपुर पंचायत का इकलौता प्लस टू विद्यालय सरकारी उपेक्षाओं के कारण बदहाल है। इससे नाराज छात्र-छात्राओं ने बुधवार को विद्यालय परिसर में महाधरना दिया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि जब से प्लस टू विद्यालय का निर्माण हुआ तब से लेकर आज तक इस विद्यालय में यू-डैस कोड भी शिक्षा विभाग द्वारा नहीं दिया गया। वर्ष 2010 में 26 लाख के लागत से दो मंजिला भवन बनकर तैयार हो गया, परंतु एजेंसी द्वारा बिल्डिंग का प्रभार विद्यालय प्रशासन को अभी तक नहीं सौंपा गया। आलम यह है कि इस विद्यालय में एक भी शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गयी। जब शिक्षक ही नहीं रहेंगे, तो छात्र क्या पढ़ेंगे। बिहार सरकार शिक्षा के प्रति उदासीन है। उच्च शिक्षा के नाम पर सरकार की नीति ढकोसला है। यह सरकार जुमला और हमले की सरकार है। वर्ष 2010 से विद्यालय का भवन बनकर तैयार है। वर्ष 2020-21 में विद्यालय चालू किया जाए, वरना छात्रों का प्रदर्शन इससे भी बड़ा हो सकता है।

गंगा नदी के पार खवासपुर में प्लस टू स्कूल में महाधरना देते छात्र-छात्राएं।

मैट्रिक तक 500 विद्यार्थी पर 4 शिक्षक

खलीफा टोला के ग्रामीणों ने वर्ष 1968 में एक निजी विद्यालय की नींव रखी थी। वर्ष 1970 में 8 बीघा जमीन खलीफा टोला के लोग दान में दिया था। उस समय से एक वर्ग से पढ़ाई प्रारंभ हुई। उसके बाद मैट्रिक तक पढाई शुरु हुई। इस विद्यालय में मैट्रिक तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या वर्ष 2019 में 500 है। इसमें भी शिक्षकों की संख्या एचएम समेत महज 5 शिक्षक है। हिंदी और अंग्रेजी के शिक्षक नहीं हैं। महज सामाजिक विज्ञान, मैथ व अन्य प्राईवेट शिक्षक मिलकर किसी तरह कोरम पूरा करते हैं। शिक्षकों की भारी कमी से उच्च विद्यालय के पठन-पाठन पर खासा असर है।

मैट्रिक के आगे नहीं पढ़ पा रहे छात्र

यह विद्यालय शिक्षा विभाग व सरकार के लापरवाही का नमूना बना हुआ है। यहां के विद्यार्थी शिक्षा के प्रति जागरुक होते हुए भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने के कारण मैट्रिक के आगे पढ़ नहीं पा रहे हं। समस्याओं से घिरे इस विद्यालय में अभी तक बिजली भी नहीं पहुंची है। इसके अलावे छात्र-छात्राओं के लिए एक साल पहले शौचालय निर्माण कराया गया है। विद्यालय की चहारदीवारी भी नहीं बनी है।

शिक्षक नियुक्त नहीं होने से छात्रों का नामांकन नहीं

गंगा पार खवासपुर पंचायत के जानकी बाजार (खलीफा टोला) अवस्थित प्लस टू विद्यालय सरकारी उपेक्षा के शिकार है। इस विद्यालय का निर्माण वर्ष 2010 की नीतीश सरकार की योजना के तहत हुआ था। विद्यालय बनने के बाद से आज तक छात्रों का एक भी नामांकन नहीं हुआ। कारण यह रहा कि इस विद्यालय में शिक्षा विभाग व सरकार द्वारा शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई। शिक्षक-विहीन विद्यालय में छात्र नामांकन कराने से परहेज कराते रहे हंै। विद्यालय निर्माण के 10 वर्ष पूरा होने को चला है। शिक्षा विभाग एवं सरकार की लापरवाही के शिकार खवासपुर पंचायत की छात्र-छात्राओं को झेलना पड़ रहा है। यहां के छात्र मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उत्तर प्रदेश, छपरा और आरा जाने के लिए विवश हंै।

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