संसाधन के अभाव में मार्टिन रेलवे की जमीन पर सजता है सब्जी बाजार, सड़क बनी पार्किंग

Ara News - शहर के विवादित मार्टिन रेलवे के जमीन पर सब्जी बाजार लगती है। सड़क किनारे फुटपाथ पर जीप व ऑटो पड़ाव है। नगर परिषद ने न...

Bhaskar News Network

Sep 27, 2019, 06:15 AM IST
Ara News - due to lack of resources martin railway adorns the vegetable market the road becomes parking
शहर के विवादित मार्टिन रेलवे के जमीन पर सब्जी बाजार लगती है। सड़क किनारे फुटपाथ पर जीप व ऑटो पड़ाव है। नगर परिषद ने न सब्जी हाट के लिए शेड उपलब्ध कराया है और नहीं जीप ऑटो को खड़ा करने के लिए पड़ाव का व्यवस्था किया है। लेकिन टेंडर कर कई दशक से पैसे जरूर वसूलता है। शायद यह पहला नगर परिषद है जो बिना सुविधा व संसाधन उपलब्ध कराएं टेंडर कर टैक्स वसूली करता है। पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष टेंडर की राशि भी बढ़ा दिया है। जिससे जीप व ऑटो को शुल्क अधिक देना पड़ रहा है। यही नहीं फल बाजार के लिए भी नगर परिषद ने कोई शेड या दुकान उपलब्ध नहीं कराया है। वह भी पी डब्ल्यूडी के जमीन पर सड़क के किनारे लगाते हैं। जिन्हें जब- जब अतिक्रमण अभियान चलाया जाता है। हटना पड़ता है। जबकि उनसे भी नगर परिषद का टैक्स उगाही की जाती है। आश्चर्य व चौकाने वाले तथ्य यह है कि नगर को टैक्स देने वाले सब्जी दुकानदार, जीप चालक, ऑटो चालक को किसी भी तरह की सुविधा व संसाधन मुहैया नहीं कराया जाता। जिससे इनमें नाराजगी है। हालांकि इस बार जीप का टेंडर नहीं हुआ है।

आॅटो स्टैंड व सब्जी बाजार का सात लाख में होता है नीलामी : ऑटो स्टैंड का सात लाख रुपए में हुआ है, जबकि सात लाख रुपए में सब्जी बाजार का टेंडर होता है। इस बार उसकी भी नीलामी अभी तक नहीं हुई है। लगभग 15 लाख रुपए की राजस्व की वसूली करने वाले नगर परिषद कोई सुविधा व संसाधन देने में पूरी तरह से नाकाम है। नाम नहीं छापने की शर्त पर आधा दर्जन सब्जी दुकानदारों ने कहा कि बारिश के मौसम में सब्जी बाजार में जल जमाव का नजारा दिखने लगता है। कई बार शिकायत के बाद थोड़ी बहुत मिट्टी गिराकर खानापूर्ती की जाती है। पूरा सब्जी बाजार कीचडय़ुक्त हो जाता है। जिससे सब्जी की खरीदारी करने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। जबकि पूर्व में ढिबरा मुहल्ला में सब्जी हाट के लिए बनाए गए शेड को अतिक्रमित किया गया है। उसमें दशकों पहले ही सब्जी बाजार लगना बंद हो चुका है। जबकि नगर परिषद द्वारा कभी भी ऑटो को खड़ा करने के लिए पड़ाव की व्यवस्था नहीं किया गया है।

शहर में इतना अतिक्रमण कि ऑटो स्टेंड के लिए नप को नहीं मिल रही जमीन

सड़क किनारे खड़े टेम्पो।

सिटी रिपोर्टर | बिक्रमगंज

शहर के विवादित मार्टिन रेलवे के जमीन पर सब्जी बाजार लगती है। सड़क किनारे फुटपाथ पर जीप व ऑटो पड़ाव है। नगर परिषद ने न सब्जी हाट के लिए शेड उपलब्ध कराया है और नहीं जीप ऑटो को खड़ा करने के लिए पड़ाव का व्यवस्था किया है। लेकिन टेंडर कर कई दशक से पैसे जरूर वसूलता है। शायद यह पहला नगर परिषद है जो बिना सुविधा व संसाधन उपलब्ध कराएं टेंडर कर टैक्स वसूली करता है। पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष टेंडर की राशि भी बढ़ा दिया है। जिससे जीप व ऑटो को शुल्क अधिक देना पड़ रहा है। यही नहीं फल बाजार के लिए भी नगर परिषद ने कोई शेड या दुकान उपलब्ध नहीं कराया है। वह भी पी डब्ल्यूडी के जमीन पर सड़क के किनारे लगाते हैं। जिन्हें जब- जब अतिक्रमण अभियान चलाया जाता है। हटना पड़ता है। जबकि उनसे भी नगर परिषद का टैक्स उगाही की जाती है। आश्चर्य व चौकाने वाले तथ्य यह है कि नगर को टैक्स देने वाले सब्जी दुकानदार, जीप चालक, ऑटो चालक को किसी भी तरह की सुविधा व संसाधन मुहैया नहीं कराया जाता। जिससे इनमें नाराजगी है। हालांकि इस बार जीप का टेंडर नहीं हुआ है।

आॅटो स्टैंड व सब्जी बाजार का सात लाख में होता है नीलामी : ऑटो स्टैंड का सात लाख रुपए में हुआ है, जबकि सात लाख रुपए में सब्जी बाजार का टेंडर होता है। इस बार उसकी भी नीलामी अभी तक नहीं हुई है। लगभग 15 लाख रुपए की राजस्व की वसूली करने वाले नगर परिषद कोई सुविधा व संसाधन देने में पूरी तरह से नाकाम है। नाम नहीं छापने की शर्त पर आधा दर्जन सब्जी दुकानदारों ने कहा कि बारिश के मौसम में सब्जी बाजार में जल जमाव का नजारा दिखने लगता है। कई बार शिकायत के बाद थोड़ी बहुत मिट्टी गिराकर खानापूर्ती की जाती है। पूरा सब्जी बाजार कीचडय़ुक्त हो जाता है। जिससे सब्जी की खरीदारी करने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। जबकि पूर्व में ढिबरा मुहल्ला में सब्जी हाट के लिए बनाए गए शेड को अतिक्रमित किया गया है। उसमें दशकों पहले ही सब्जी बाजार लगना बंद हो चुका है। जबकि नगर परिषद द्वारा कभी भी ऑटो को खड़ा करने के लिए पड़ाव की व्यवस्था नहीं किया गया है।

जिस ऑटो व फल मंडी की दुकानों से टैक्स वसूला जाता है, अतिक्रमण के नाम पर उनपर होती है कार्रवाई

मजबूरन वश ऑटो चालक शहर के तेंदुनी चौक, थाना चौक, आरा रोड में सड़क किनारे ही ऑटो को खड़ा करते है। जब कि पूर्व में कई बार शहर के तेंदुनी चौक से गुजरने वाले नहर पर एक तरफ ऑटो तो दूसरी तरफ फल मंडी लगाने का बात नगर परिषद द्वारा कहा गया था, पर कभी भी जिम्मेवारों ने इसके लिए गंभीरता नहीं दिखाई। सबसे बड़ी चीज यह है कि जिस ऑटो चालकों व फल मंडी की दुकानों से टैक्स वसूलती है। उन दुकानदारों को नगर परिषद ही अतिक्रमण हटाने के दौरान खाली कराती है। ऐसे में सवाल उठता है कि फिर टैक्स किस चीज का लेती है। यह अपने आप में सवाल खड़ा करता है।

स्टैंड के लिए जगह की कर रहे हैं तलाश


प्रेमस्वरूपम, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद बिक्रमगंज

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