एएनएम के कार्य बहिष्कार से स्वास्थ्य सेवा चरमरायी
एएनएम व स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य बहिष्कार को लेकर पीएचसी कोईलवर में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है। जिससे प्रसव के लिए आई गर्भवती महिलाओं को बाहर का रुख करना पड़ रहा है। एएनएम मीना कुमारी ने बताया कि सात महीनों से वेतन का भुगतान नही होने के कारण स्वास्थ्य कर्मी भूखे मरने को मजबूर है। लेकिन सरकार कुम्भकर्णी निंद्रा में सोयी है। जिस कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोईलवर के 48 एएनएम व आठ स्वास्थ्य कर्मी 8 मार्च से कार्य का बहिष्कार किये है। एएनएम ने कहा कि जबतक उन्हें वेतन का भुगतान नही किया जाता इसी तरह कार्य का बहिष्कार रहेगा। जिसे लेकर गुरुवार को एएनएम पीएचसी में जुट सरकार विरोधी नारे लगाए। हालांकि स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल के बावजूद भी ओपीडी सेवा व दवा वितरण बहाल है। लेकिन दुर्घटना में जख्मी का इलाज, प्रसव या अन्य वैक्सीन लगाने वाले कर्मी अस्पताल में उपस्थित रहने के बावजूद भी कार्य करने से बचते है। इधर प्रसव सेवा ठप होने के कारण कई महिलाओं को नर्सिंग होम का रुख करना पड़ा। धन्डीहा से प्रसव के लिए पीएचसी पहुँची मरीज प्रतिमा ने बताया यहां कोई सुविधा नही होने से उन्हें बाहर का रुख करना पड़ रहा है। वही प्रसव के लिए पहुँची मरीजो के परिजनो ने बताया कि पीएचसी में प्रसव नही होने के बाद कई दलाल स्थानीय नर्सिंग होम में ले जाने की सलाह दे रहे हैं।