अब 21 अक्टूबर को सुनवाई के बाद खनन व टेंडर की प्रक्रिया होगी स्पष्ट

Ara News - नई बालू नीति को लागू करने पर एनजीटी द्वारा लगी रोक से अभी बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया में संशय बरकरार है। इस बीच,...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 06:16 AM IST
Ara News - now after the hearing on october 21 the process of mining and tendering will be clear
नई बालू नीति को लागू करने पर एनजीटी द्वारा लगी रोक से अभी बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया में संशय बरकरार है। इस बीच, सोन नद के बालू घाटों की बंदोबस्ती की चर्चा से इलाके में तटवर्तीय इलाके में हलचल बढ़ गई है। जानकारों के अनुसार वर्ष 2013 में दो या दो से अधिक जिलों में बहने वाली नदियों को एक इकाई मान नीलामी की प्रक्रिया पूरी की गई थी। लगातार एक कंपनी के बालू व्यवसाय पर काबिज होने व छोटे भागीदारों की भूमिका नहीं होने की हालात में इस वर्ष नई बालू नीति घोषित की गई। इसके तहत किसी नदी को कई घाटों में बांटकर नीलामी की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा लागू की गई थी। इधर, नए कानून में किसी व्यक्ति व एजेंसी द्वारा दो बालू घाटों और दो सौ हेक्टेयर जमीन पर पांच वर्ष तक बालू काटने का अधिकार है। उधर, राज्य सरकार की नई बालू नीति में खामियों को दर्शाते ट्रिब्यूनल में चुनौती दी गई। जिस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने नई बालू नीति के इसी नए प्रावधान पर रोक लगा दिया है। एनजीटी ने इसी माह 21 अक्टूबर को सुनवाई की तारीख मुकर्रर किया है। माना जा रहा है कि ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद ही बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। इधर, एक अधिकारी के अनुसार अभी भोजपुर जिले में बालू खनन पर राेक है। एनजीटी में 21 अक्टूबर को सुनवाई के बाद ही खनन या नए टेंडर प्रक्रिया का रुख स्पष्ट हो सकेगा। अभी कुछ कहना मुनासिब नहीं है।

एनजीटी ने दिसंबर तक बालू पर लगाया है रोक

बरसात में सोन नदी की तहलटी से बालू उत्खनन पर रोक की मियाद इसी माह पूरी होने वाली थी। इस बीच नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने चालू वर्ष के अंत तक सोन नदी से बालू के उठाव पर रोक लगा दिया है। बीते दिनों अवैध खनन की शिकायत पर ट्रिब्यूनल ने 31 दिसंबर तक भोजपुर जिले के सोन नदी घाटों से खनन पर रोक लगाया है।

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