बारिश के बाद धान की रोपनी में आई तेजी

Ara News - सूर्यपुरा प्रखंड में पिछले महीनों से सुखाड़ की स्थिति से चिंतित किसानों के चेहरे पर अब रौनक लौट आयी है। पिछले पांच...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:55 AM IST
Sahar News - paddy transplantation rises after rain
सूर्यपुरा प्रखंड में पिछले महीनों से सुखाड़ की स्थिति से चिंतित किसानों के चेहरे पर अब रौनक लौट आयी है। पिछले पांच दिनों से रूक- रूक कर हो रही बारिश ने किसानों को भारी राहत दी है। लोगों को पिछले कई दिनों से मानसून की बारिश का इंतजार था। किसान धान रोपनी के लिए खेत तैयार कर बारिश की आस में बैठे थे। मगर लगातार सात दिनों से हुई मुसलाधार बारिश के बाद किसानों ने धान रोपनी तेज कर दी। बारिश नहीं होने के वजह से किसानों के होश उड़ गये थे। पंपसेट के सहारे किसान जैसे तैसे सिंचाई कर धान रोपनी में लगे थे। नतीजा धान रोपनी की स्थिति बेहद खराब थी। बारिश नहीं होने के कारण सूर्यपुरा कृषि पदाधिकारी नंदजी राम भी इससे खासे चिंतित थे कि आखिर चिन्हित किसानों के धान रोपनी में लक्ष्य कैसे पूरा होगा। बताते चलें कि कृषि विभाग ने प्रखंड में करीब 3 हजार 772 हेक्टेयर धान रोपनी का लक्ष्य रखा है। फिलहाल तो धान की रोपनी खरोज ,जल्हा ,बलहा,सहित प्रखंड क्षेत्र अन्य कई गांवों में रोपनी कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रखंड में अब तक सात प्रतिशत धान की रोपनी हो पायी है।

हालांकि लगातार बारिश होने से धान की रोपनी प्रखंड में काफी रफ्तार पकड़ लिया है। कृषि अधिकारी का मानना है कि अगर यही स्थिति रही तो धान रोपनी का लक्ष्य आसानी से पूरा हो जाएगा। कृषि सलाहकार अखिलेश कुमार की मानें तो यह बारिश किसानों के लिए वरदान साबित हुआ। दूसरी ओर मुसलाधार बारिश से जहां भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली वहीं जलजमाव की भीषण समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।

सूर्यपुरा गांव और बाजार के अधिकांश गली मोहल्ले की सड़कों पर जल जमाव हो जाने से राह चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मुख्य सड़क और ग्रामीण बैंक के पास भी मुख्य सड़क पानी से भरा हुआ है। जिससे लोगों को आने जाने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सड़कों पर भी पैदल व दोपहिया वाहनों की आवाजाही धीरे- धीरे हो रही।

धान की रोपनी करती महिलाएं।

सिटी रिपोर्टर | सूर्यपुरा

सूर्यपुरा प्रखंड में पिछले महीनों से सुखाड़ की स्थिति से चिंतित किसानों के चेहरे पर अब रौनक लौट आयी है। पिछले पांच दिनों से रूक- रूक कर हो रही बारिश ने किसानों को भारी राहत दी है। लोगों को पिछले कई दिनों से मानसून की बारिश का इंतजार था। किसान धान रोपनी के लिए खेत तैयार कर बारिश की आस में बैठे थे। मगर लगातार सात दिनों से हुई मुसलाधार बारिश के बाद किसानों ने धान रोपनी तेज कर दी। बारिश नहीं होने के वजह से किसानों के होश उड़ गये थे। पंपसेट के सहारे किसान जैसे तैसे सिंचाई कर धान रोपनी में लगे थे। नतीजा धान रोपनी की स्थिति बेहद खराब थी। बारिश नहीं होने के कारण सूर्यपुरा कृषि पदाधिकारी नंदजी राम भी इससे खासे चिंतित थे कि आखिर चिन्हित किसानों के धान रोपनी में लक्ष्य कैसे पूरा होगा। बताते चलें कि कृषि विभाग ने प्रखंड में करीब 3 हजार 772 हेक्टेयर धान रोपनी का लक्ष्य रखा है। फिलहाल तो धान की रोपनी खरोज ,जल्हा ,बलहा,सहित प्रखंड क्षेत्र अन्य कई गांवों में रोपनी कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रखंड में अब तक सात प्रतिशत धान की रोपनी हो पायी है।

हालांकि लगातार बारिश होने से धान की रोपनी प्रखंड में काफी रफ्तार पकड़ लिया है। कृषि अधिकारी का मानना है कि अगर यही स्थिति रही तो धान रोपनी का लक्ष्य आसानी से पूरा हो जाएगा। कृषि सलाहकार अखिलेश कुमार की मानें तो यह बारिश किसानों के लिए वरदान साबित हुआ। दूसरी ओर मुसलाधार बारिश से जहां भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली वहीं जलजमाव की भीषण समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।

सूर्यपुरा गांव और बाजार के अधिकांश गली मोहल्ले की सड़कों पर जल जमाव हो जाने से राह चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मुख्य सड़क और ग्रामीण बैंक के पास भी मुख्य सड़क पानी से भरा हुआ है। जिससे लोगों को आने जाने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सड़कों पर भी पैदल व दोपहिया वाहनों की आवाजाही धीरे- धीरे हो रही।

सिटी रिपोर्टर | सूर्यपुरा

सूर्यपुरा प्रखंड में पिछले महीनों से सुखाड़ की स्थिति से चिंतित किसानों के चेहरे पर अब रौनक लौट आयी है। पिछले पांच दिनों से रूक- रूक कर हो रही बारिश ने किसानों को भारी राहत दी है। लोगों को पिछले कई दिनों से मानसून की बारिश का इंतजार था। किसान धान रोपनी के लिए खेत तैयार कर बारिश की आस में बैठे थे। मगर लगातार सात दिनों से हुई मुसलाधार बारिश के बाद किसानों ने धान रोपनी तेज कर दी। बारिश नहीं होने के वजह से किसानों के होश उड़ गये थे। पंपसेट के सहारे किसान जैसे तैसे सिंचाई कर धान रोपनी में लगे थे। नतीजा धान रोपनी की स्थिति बेहद खराब थी। बारिश नहीं होने के कारण सूर्यपुरा कृषि पदाधिकारी नंदजी राम भी इससे खासे चिंतित थे कि आखिर चिन्हित किसानों के धान रोपनी में लक्ष्य कैसे पूरा होगा। बताते चलें कि कृषि विभाग ने प्रखंड में करीब 3 हजार 772 हेक्टेयर धान रोपनी का लक्ष्य रखा है। फिलहाल तो धान की रोपनी खरोज ,जल्हा ,बलहा,सहित प्रखंड क्षेत्र अन्य कई गांवों में रोपनी कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रखंड में अब तक सात प्रतिशत धान की रोपनी हो पायी है।

हालांकि लगातार बारिश होने से धान की रोपनी प्रखंड में काफी रफ्तार पकड़ लिया है। कृषि अधिकारी का मानना है कि अगर यही स्थिति रही तो धान रोपनी का लक्ष्य आसानी से पूरा हो जाएगा। कृषि सलाहकार अखिलेश कुमार की मानें तो यह बारिश किसानों के लिए वरदान साबित हुआ। दूसरी ओर मुसलाधार बारिश से जहां भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली वहीं जलजमाव की भीषण समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।

सूर्यपुरा गांव और बाजार के अधिकांश गली मोहल्ले की सड़कों पर जल जमाव हो जाने से राह चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मुख्य सड़क और ग्रामीण बैंक के पास भी मुख्य सड़क पानी से भरा हुआ है। जिससे लोगों को आने जाने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सड़कों पर भी पैदल व दोपहिया वाहनों की आवाजाही धीरे- धीरे हो रही।

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