जलजमाव से बढ़ा छात्राओं को संक्रमण का खतरा, सीओ ने की पड़ताल

Ara News - स्थानीय प्रखण्ड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय अगिआंव के चारो तरफ लगभग 12 वर्षों से गंदा पानी का जमाव है ।...

Dec 05, 2019, 06:10 AM IST
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स्थानीय प्रखण्ड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय अगिआंव के चारो तरफ लगभग 12 वर्षों से गंदा पानी का जमाव है । जिसके कारण विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को महामारी फैलने का डर की आशंका बनी रहती है। जिससे कस्तूरबा विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को कभी भी खतरा हो सकता है। विद्यालय के चारो तरफ पानी के निकासी के लिये विद्यालय में तैनात वार्डेन ने कविता कुमारी ने फिर एक बार अंचलाधिकारी से विद्यालय के नाली के निकासी व जलजमाव के समाधान के लिए गुहार लगाई है । फिलवक्त समाज के सबसे निचले पायदान पर रहने वाली समाज की छात्राओं को पढ़ने की व्यवस्था इस विद्यालय में सरकार द्वारा की गयी है । इस विद्यालय में 100 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती है । 2 अक्टूबर 2007 में बने इस विद्यालय का आज तक पानी की निकासी की व्यवस्था नही हुई है ।जिससे इसमें रहने वाली छात्राओं को लंबे समय से जल जमाव के कारण संक्रमण का खतरा बना रहता है । विद्यालय में रोजाना हजारों लीटर पानी का प्रयोग किया जाता है लेकिन नाली नही होने के कारण विद्यालय भवन के चारो ओर गंदे पानी फैला रहता हैं । बारिश के दिनों में ये समस्या और भी बढ़ जाती है । विद्यालय के मुख्य द्वार पर जल जमाव हो जाता है प्रभारी वार्ड बैजयंती माला सहित विद्यालय के छात्राएं कहती है कि स्कूल से बढ़िया त महादलित बस्ती ही है छात्राएं कभी भी इस जल -जमाव के कारण होने वाली घातक बिमारी की डर से विद्यालय को छोड़ सकती है। बता दे कि इस जल जमाव की निदान के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा विद्यालय के नाली गली के निर्माण के मनरेगा से कार्य करने के लिए प्रस्ताव भी पास किया गया था तथा कार्य स्थल पर बोर्ड लगाने की भी बात कही गयी थी ।और कार्य नही होने पर करवाई की हिदायत दी गयी थी लेकिन वर्षों बीत गए ये सारी बाते कागज के पन्नों में सिमट के रह गयी।

12 वर्षों में भी नही हुआ निदान

2007 में कस्तूरबा विद्यालय का नींव तो अगिआंव में पड़ गया। 2014 में नया भवन भी मिला लेकिन गंदे पानी के निकास के लिए नाली नही बन पाया। इन बारह वर्षों में कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि आए और नाली बनाने के बड़े बड़े वायदे कर के चले गए लेकिन अब तक नाली नही बन पाया।

कस्तूरबा विद्यालय के चारो तरफ जलजमाव की जांच करते सीओ।

आवेदन मिलते ही एक्शन में आए सीओ

कस्तूरबा विद्यालय के वार्डन द्वारा लानी निकास को लेकर दिए गए आवेदन के बाद अगिआंव सीओ परमेश्वर राम तुरंत एक्शन में आ गए । आनन फानन में सीओ ने एक टीम बना कर कस्तूरबा विद्यालय का जांच कर नाली बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराए । उन्होंने बताया कि विद्यालय कर्मी को नाली निर्माण के लिए बिल दिया गया है ।अगर इसे बनाने में कोई अगर बाधा डालता है तो उस पर करवाई की जाएगी ।

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