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छुट्‌टी के बाद शुरू होगा प्री-पीएचडी का कोस वर्क देरी होने से वीकेएसयू के विद्यार्थियों की बढ़ी बेचैनी

2 वर्ष पहले
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वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में प्री-पीएचडी का कोर्स वर्क शुरू नहीं होने की वजह से विद्यार्थियों के बीच बेेचैनी बढ़ती जा रही है। बंगाल एवं उत्तर प्रदेश सहित अन्य जगहों के कई विद्यार्थियों ने कहा कि हमलोगों ने प्री-पीएचडी के कोर्स वर्क के लिए पंजीयन करा लिया है। परन्तु विश्वविद्यालय के अधिकारी इस बात की जानकारी नहीं दे पा रहे है कि कोर्स वर्क कब से शुरू होगा। इसको लेकर कई दफा विश्वविद्यालय के गलियारों का चक्कर काटना पड़ रहा है। पंजीयन के समय भी उचित जानकारी नहीं मिलने की वजह कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अंतिम तिथि में ऊहाफोह की स्थिति बन गयी थी। इधर, छात्र कल्याण अध्यक्ष डॉ केके सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय खुलते ही पीएचडी के लिए कोर्स वर्क शुरू किया जाएगा। जिन विद्यार्थियों ने कोर्स वर्क के लिए पंजीयन कराया है, उनको सूचना दी जाएगी। इस बार सेंट्रलाइज्ड प्री-पीएचडी का कोर्स वर्क शुरू होगा। इसकी तैयारी अंतिम चरण में है। विश्वविद्यालय खुलते ही कोर्स वर्क संचालित करने को लेकर अधिसूचना जारी कर दिया जाएगा। प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण हुए 271 विद्यार्थी सहित नेट/जीआएफ संबंधित अभ्यार्थी जिसने पंजीयन कराया है, उसका कोर्स वर्क एक साथ कराया जाएगा। कोर्स के लिए बाहर से एक्सपर्ट भी बुलाए जाएंगे। ताकि विद्यार्थियांे को बेहतर शिक्षा दी जा सके। बिना कोर्स वर्क के पीएचडी करने वाले शोधार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शोधार्थियों को मालूम ही नहीं चलता है कि वह अपना शोध कहां से शुरू करे। कोर्स वर्क में मैथडलॉजी के बारें में बताया जाता है। दर्शनशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ किस्मत कुमार सिंह ने बताया कि यदि शोधार्थी अच्छे से कोर्स वर्क का क्लास कर ले तो उसका पीएचडी करने की राह आसान हो जाएगी इससे शोधार्थियों को अधिक समय नहीं लगेगा।

पीएचडी के लिए कोर्स वर्क की होती है अहम भूमिका

छात्र कल्याण अध्यक्ष डॉ केके सिंह ने बताया कि पीएचडी करने के लिए कोसवर्क की अहम भूमिका होती है। कोर्स वर्क में शोध के सिद्धांत के बारें में बताया जाता है। कैसे शोधार्थी कोर्स वर्क करेंगे। लाइब्रेरी एवं फिल्ड का इस्तेमाल कैसे किया जाए सहित अन्य बातों की जानकारी दी जाती है। छह महीने के कोसवर्क में संभावित: चार महीना शोध के सैद्धांतिक के बारें में बताया जाता है। दो महीने कम्प्यूटर से संबंधित शिक्षा दी जाती है। गौरतलब हो कि प्री-पीचडी की प्रवेश परीक्षा एवं इंटरव्यू में सफल विद्यार्थियों को 22 फरवरी तक पंजीयन कराने का आदेश जारी किया गया था। पंजीयन के लिए प्रत्येक विद्यार्थियों को दो हजार रूपये का बैंक चालान विभाग के नाम से कटाना था। प्रवेश परीक्षा में 271 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे। परीक्षा के लिए पंाच केंद्र बनाया गया था। इनमें आरा शहर के जैन कॉलेज, महाराजा कॉलेज, एसबी कॉलेज, जगजीवन कॉलेज व महंत महादेवनंद महिला कॉलेज शामिल था।

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय।
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