वेतन के लिए कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
आठ महीने से वेतनमान का भुगतान नही होने पर पीएचसी कोईलवर के एएनएम समेत स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्य का बहिष्कार करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रखण्ड अध्यक्ष मीना कुमारी नेतृत्व कीं। अपने संबाेधन में हड़ताली कर्मियाें ने कहा कि वेतन नही मिलने से दुकानदार अब राशन देने से इंकार कर दिया है। बच्चों की पढ़ाई की समस्या भी हो गयी है। इस गूंगी बहरी सरकार पर कोई असर नही पड़ रहा है। जबतक वेतन का भुगतान नही होगा, तब तक कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा। इधर, एएनएम के कार्य बहिष्कार के कारण सबसे ज्यादा प्रभाव प्रसव-कक्ष पर पड़ा है। जहाँ क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए बाहर का रुख करना पड़ रहा है। पीएचसी के आंकड़ें के अनुसार एक महीने में लगभग 120 से 140 प्रसव के मरीज अस्पताल पहुंचते है। जिन्हें अब निजी नर्सिंग होम की ओर मुख करना पड़ रहा है। अाठ मार्च से स्वास्थ्यकर्मियों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया है। तरारी में एएनएम सहित लिपिक, फार्मासिस्ट, लैबटेक्सियन और फोर्थ ग्रेड से जुड़े कर्मियों का शनिवार को तीसरे दिन भी हड़ताल जारी रहा। तरारी में कुल 50 स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर है। चिकित्सा व्यवस्था काफी प्रभावित हो रहा है। हालांकि, इमरजेंसी सेवा चालू है। एएनएम कंचन कुमारी, ज्योति सिन्हा, सुषमा कुंवर, निर्मला, सुमिता, अनिता, अभय कुमार सहित कई हड़ताल पर शामिल कर्मियों ने कहा कि 5 माह से वेतन रुका हुआ है।