पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

जिले में 3.5 एमएम बारिश, अगले दो दिनों तक और वर्षा के आसार

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी के बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण जिले में दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। शनिवार की सुबह से दिन भर बूंदाबांदी होती रही। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को 3.5 मिलीमीटर बारिश हुई। जो अगले दो दिनों तक जारी रहने की संभावना है। रविवार को 1.4 और सोमवार को 2.6 डिग्री मिलीमीटर बारिश होने के आसार हैं। अधिकतम तापमान 22 डिग्री और रात में न्यूनतम 15.5 डिग्री तक पहुंचेगा। सोमवार से तापमान में वृद्धि होगी। इस दिन 27 डिग्री तापमान रह सकता है। मंगलवार से फिर तापमान 31 डिग्री से ऊपर चढ़ना शुरू हो जाएगा। करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण तापमान में भी गिरावट हुई। दो दिन पूर्व तक अररिया में 31 डिग्री तक तापमान था, लेकिन बारिश के बाद 9 डिग्री पारा गिरकर तापमान 22 डिग्री तक पहुंचा। ठंड बढ़ने पर लोगों को फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। इस साल फरवरी में अधिकतम 14 मिलीमीटर तक बारिश हुई। जो हाल के वर्षों के आंकड़ों से कहीं अधिक है।

आम और सहजन को भी होगा नुकसान

मौसम वैज्ञानिक प्रभात कुमार ने बताया कि इस फसल से दलहन व तिलहन के अलावा आम और सहजन के पौधों को भी नुकसान पहुंचेगा, क्योंकि आम और सहजन के पौधों में फूल लद चुके हैं। इस बारिश से उनके फूल धूल जाएंगे। इस कारण उसमें फसल में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि जिन खेतों में गरम सब्जी लगाई जाती है, वैसे किसानों को भी इस पानी से नुकसान होगा। क्योंकि इस मौसम में अधिकांश किसान खेतों में बीज बो देते हैं।

अगले 3 दिनों तक इस प्रकार रहेगा मौसम

दिन बारिश तापमान हवा रविवार- 1.4 मिमी अधिकतम 22.6 न्यूनतम 15.5 9

सोमवार- 2.6 मिमी अधिकतम 27.8 न्यूनतम 16.1 7

मंगलवार 00 मिमी अधिकतम 30.2 न्यूनतम 16.0 10

मौसम का मिजाज जानें एक नजर में

31 डिग्री तक था दो दिन पूर्व जिले का अधिकतम तापमान

निचले भू-भाग की फसलों में पीलिया रोग होने की आशंका

कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि निचले भू-भाग के किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि जिन खेतों में पानी लगेंगे, उन खेतों के किसी भी प्रकार की फसलों में पीलिया रोग लगने की आशंका बढ़ जाती है। इससे कारण फसल प्रभावित हो सकती है, इसलिए किसानों को अपने खेतों में पानी नहीं लगने देना चाहिए।

31 के ऊपर तापमान जाने की मंगलवार से संभावना

बारिश से दलहन और तिलहन को काफी नुकसान, मकई और गेहूं काे पहुंचेगा फायदा

24 फरवरी से 26 फरवरी तक हुई बारिश से कई फसलों काे फायदा पहुंचा था, क्योंकि उस समय दलहन और तिलहन में फुल पराग नहीं निकले थे। लेकिन, शनिवार की बारिश से दलहन और तिलहन की फसल को काफी नुकसान हुआ है। रुक रुक हो रही बारिश के कारण फूल के पराग धूल चुके हैं। जिस कारण अधिकांश फसलों के सुन्न होने की आशंका है। वहीं, यह बारिश मकई, गेहूं, सूर्यमुखी जैसे फसलों के लिए वरदान साबित हो रही है, क्योंकि अधिकांश खेतों में लगी गेहूं और मकई में बालियां आ गई। किसानों ने बताया कि बारिश से खेतों में नमी आने के कारण इन फसलों को फायदा पहुंचा है।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण जिले में दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश, आज 1.4 और कल 2.6 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना

10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से शनिवार को चली हवा

22 डिग्री तक लुढ़क पहुंचा बारिश के बाद पारा

मंजर से लदा अाम का पेड़।
खबरें और भी हैं...