तेगछिया में 4 दिवसीय अष्टयाम संपन्न, पलासी में शुरू
महाष्टयाम के समापन पर उमड़े श्रद्धालु
वैदिक मंत्रोच्चार व हवन के साथ अररिया प्रखंड के तेगछिया गांव में आयोजित चार दिवसीय अष्टयाम का समापन शुक्रवार को हुआ। ढोल नगाड़ों के बीच मनमोहक झांकी के साथ इस यज्ञ का समापन हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान से तेगछिया सहित आसपास क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना रहा। राधा-कृष्ण के युगल प्रतिमा के साथ हनुमानजी के विराट रूप में बनाई गई मूर्ति श्रद्धालुओं को आकर्षित करती रही।
गौरतलब है कि मंगलवार को दर्जन भर विद्वानों द्वारा रामचरितमानस पाठ के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत की गई थी। लगातार 48 घंटे हरे राम, हरे कृष्ण का अखंड जाप किया गया। समापन के मौके पर आयोजन समिति द्वारा बेहतर प्रस्तुति के लिए पलासी, पुरैनी, कोतहपुर, डोरिया, शरणपुर व स्थानीय कीर्तन मंडली को सम्मानित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में पुजारी बाबा कालीकांत झा, गिरजानंद झा, मायाकांत झा, पंसस चूनम देवी, विश्वनाथ झा, माधव झा, आशीष झा, बद्रीनंदन झा, दिनेश झा, कन्हैया झा, रंजित झा, संघर्ष झा, प्रफ्फुल झा, आमोद झा, नेहरु झा, सरस, अजित, भानू, प्रभात, राहुल, नंदन, शशांक, शैलू, संजू ठाकुर, गोलू, सोनल आदि सक्रिय रहे।
सार्वजनिक काली मंदिर में अष्टयाम शुरू
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अररिया प्रखंड के किस्मत खवासपुर पंचायत अंतर्गत सार्वजनिक काली मंदिर पलासी में चार दिवसीय अष्टयाम यज्ञ की शुरुआत शुक्रवार को हुई। इस अष्टयाम में आसपास के गांवों के एक दर्जन से अधिक कीर्तन मंडलियों को आमंत्रित किया गया है। दर्जन भर कीर्तन मंडलियों की उपस्थिति में राम नाम संकीर्तन शुरू की गई। राधा कृष्ण की आकर्षक प्रतिमा श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना है।
प्रतिमा विसर्जन के लिए जाते श्रद्धालु।