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- Araria News 450 Teachers Who Did Not Contribute To Assessment May Be Suspended
मूल्यांकन में योगदान नहीं देने वाले 450 शिक्षक हो सकते हैं निलंबित
बीएसईबी ने आजाद एकेडमी मूल्यांकन केंद्र के लिए 351 परीक्षकों को जारी किया था नियुक्ति-पत्र
6 मार्च से जारी मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन कार्य में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के स्तर से नियुक्ति-पत्र जारी होने के बावजूद मूल्यांकन केंद्रों पर योगदान नहीं करने वाले जिले के 448 नियोजित शिक्षक और दो नियमित शिक्षक पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। सभी शिक्षक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के हैं। हालांकि मैट्रिक मूल्यांकन केंद्र में अधिकांश नियुक्ति-पत्र जारी होने वाले नियमित हाईस्कूल शिक्षक ने योगदान किया है। सिर्फ दो ही शिक्षकों ने नियुक्ति-पत्र पर योगदान नहीं दिया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति और शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के अस्तर से शहर के आजाद एकेडमी अररिया और बालिका उच्च विद्यालय अररिया मूल्यांकन केंद्र पर योगदान नहीं करने वाले ऐसे सभी शिक्षकों की सूची तैयार कराई जा रही है। बताया जाता है कि इन सभी शिक्षकों को निलंबित करने के लिए संबंधित नियोजन इकाई में पत्र प्रेषित किया जाएगा। जबकि जो दो माध्यमिक शिक्षक हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा माध्यमिक शिक्षा निदेशक से की जाएगी। गौरतलब है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के स्तर से आजाद एकेडमी मूल्यांकन केंद्र के लिए 351 और बालिका उच्च विद्यालय अररिया के लिए 218 परीक्षकों का नियुक्ति पत्र जारी किया गया था।
दो केंद्रों पर नियुक्ति पत्र वाले 96 ने किया योगदान
बीएसईबी के स्तर से मैट्रिक मूल्यांकन केंद्र के लिए आजाद एकेडमी और बालिका उच्च विद्यालय अररिया को चिन्हित किया गया है। इन दोनों केंद्रों पर अब तक कुल 96 नियुक्ति-पत्र वाले शिक्षकों ने योगदान किया है। आजाद एकेडमी में कुल 54 और बालिका उच्च विद्यालय में 42 नियुक्ति पत्र वाले शिक्षकों ने परीक्षक के रूप में योगदान किया है। जबकि समिति के निर्देश के आलोक में मूल्यांकन केंद्र निदेशक द्वारा किए गए नियुक्ति पर आजाद एकेडमी में 50 और बालिका उच्च विद्यालय में 68 परीक्षकों ने भी योगदान किया है। इससे पहले इंटर परीक्षा की कॉपी जांच नहीं करने वाले 78 हाईस्कूल शिक्षकों को निलंबित किया जा चुका है। इसमें 56 शिक्षक जिला परिषद नियोजन इकाई अंतर्गत हैं, जबकि तीनों नगर निकायों ने भी 21 हाईस्कूल शिक्षकों को निलंबित किया था। बीईओ ने डीईओ के निर्देश पर योगदान नहीं करने वाले 26 प्राध्यापकों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके अलावा 17 प्राध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा कटिहार, पूर्णिया और मधेपुरा डीईओ से किया गया।
सबसे अधिक जिप नियोजन इकाई के हैं 372 शिक्षक
मिली जानकारी के अनुसार मैट्रिक कॉपी मूल्यांकन केंद्र पर योगदान नहीं करने वाले 450 शिक्षकों में सबसे अधिक 372 शिक्षक जिला परिषद शिक्षक नियोजन समिति अररिया इकाई के अंतर्गत नियोजित हैं। जबकि नगर परिषद अररिया नियोजन इकाई अंतर्गत 21, नगर परिषद फारबिसगंज अंतर्गत 43 और नगर पंचायत जोगबनी के अंतर्गत 12 शिक्षक कार्रवाई की जद में हैं। इनके विरुद्ध बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
जिले के अररिया, फारबिसगंज और नगर पंचायत जोगबनी नियोजन इकाई के 76 शिक्षक कार्रवाई की जद में
मूल्यांकन केंद्र प्लस टू बालिका उवि।