एसएफसी की कार्यशैली से नाराज अध्यक्षों ने दायर किया परिवाद

Araria News - धान अधिप्राप्ति वित्तीय वर्ष 2018-19 बीते हुए काफी दिन हो गए हैं। 31 जुलाई 2019 तक सीएमआर जमा लेने की अवधि तय थी, वो भी समाप्त...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 06:26 AM IST
Araria News - chairmen angry with sfc39s functioning filed complaint
धान अधिप्राप्ति वित्तीय वर्ष 2018-19 बीते हुए काफी दिन हो गए हैं। 31 जुलाई 2019 तक सीएमआर जमा लेने की अवधि तय थी, वो भी समाप्त हो गए हैं। लगभग डेढ़ माह बीतने को हैं लेकिन एसएफसी अररिया ने अधिकांश पैक्सों को राशि का भुगतान नहीं किया है। इस लेट-लतीफी के कारण पैक्स को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।

राशि का भुगतान समय पर नहीं करने, एसएफ़सी द्वारा मनमाना रवैया अपनाने सहित कई आरोप लगाते हुए पैक्स अध्यक्षों ने जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी कार्यालय में जिला प्रबंधक, एसएफसी अररिया के विरुद्ध परिवाद दायर किया है। दायर परिवाद में कहा गया है कि एसएफसी अररिया ने अधिप्राप्ति के समय कोई भी कार्य समय पर नहीं किया। पैक्स को ना तो समय पर गनी बैग (बोरा) उपलब्ध कराया गया, ना ही समय पर चावल जमा लिया गया। अधिकांश समय कोई ना कोई कारण बताकर सीएमआर गोदाम बंद रखा गया। इतना ही नहीं चावल जमा करने के बाद भी भुगतान में हमेशा ही जानबूझकर देरी किया गया।

शिकायत पूर्व में कई बार मौखिक व लिखित रूप से वरीय एवं विभागीय पदाधिकारियों से की गई है। लेकिन एसएफसी के रवैये में कोई सुधार नहीं हुआ। अभी भी बहुत सारे पैक्सों के लाखों रुपये एसएफसी के पास बकाया है। पैक्स अध्यक्ष इसके लिए कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हैं।

एसएफसी गनी बैग देने व सीएमआर जमा लेने में हमेशा कर रही आनाकानी, अधिकांश समय रहे सीएमआर गोदाम बंद

वरीय अधिकारियों से पहले भी की गई शिकायत

पैक्स को समय पर बोरी उपलब्ध नहीं कराने, लंबे समय तक सीएमआर गोदाम बंद रखने और भुगतान समय नहीं करने को लेकर पहले भी शिकायत की थी। इस बात का जिक्र पीजीआरओ के पास किये गए शिकायत में किया गया है। दो दर्जन से अधिक पैक्स अध्यक्षों ने बीते 14 मई को सहकारिता मंत्री, बिहार सरकार, फूड एंड सिविल सप्लाई कारपोरेशन, पटना, जिला पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, अररिया व प्रबंध निदेशक, पीडीसीसीबी, पूर्णिया को आवश्यक कार्रवाई के लिए आवेदन दिया था। अध्यक्षों का आरोप है कि किसी ने भी इस ओर ध्यान देना उचित नहीं समझा।

ऋण पर लगने वाले ब्याज एसएफसी चुकाएं

लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को दिए आवेदन में पैक्स अध्यक्षों ने कहा है कि एसएफसी के मनमाने व भुगतान में लेट-लतीफी रवैये के कारण ही बैंकों से लिये गए ऋण पर अधिक ब्याज हो गये हैं। इसलिए ब्याज की रकम एसएफसी को ही भरना चाहिए ऐसा अध्यक्षों ने मांग किया है। आवेदन देने वालो में पैक्स अरविन्द कुमार, नवीन सिंह, तनवीर आलम, मनोज कुमार सिंह, धीरेंद्र सिंह, बीरेन्द्र विश्वास, मुश्ताक आलम, मो. शमीम, मो. शायर, उमेश प्रसाद सिंह व व्यापार मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार यादव शामिल है।

जिला लाेक शिकायत निवारण कार्यालय।

सात दिनों की बजाय दो महीने बाद हुआ भुगतान

विभागीय आदेशानुसार वर्ष 2018-19 में 15 नवंबर 2018 से 31 मार्च 2019 तक धान अधिप्राप्ति व 31 जुलाई तक सीएमआर जमा करने का समय निर्धारित था। धान खरीद के 48 घंटे में किसानों को भुगतान करने व सीएमआर जमा होने के बाद अधिकतम सात दिनों के अंदर पैक्सों को राशि भुगतान करने का निर्देश एसएफसी को प्राप्त था। लेकिन कभी भी एसएफसी अररिया ने समय का पालन नहीं किया। कई पैक्सों को भुगतान करने में दो महीने से भी अधिक का समय लगाया गया है, आखिर इसके जवाबदेह कौन होंगे? पैक्स अध्यक्ष अब इसकी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

पहले मुझे करने चाहिए थी शिकायत


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