सेविका बनने के लिए प्रमाण- पत्र बदले 1 माह में 58 से बढ़कर 70 हुआ अंक

Araria News - आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका चयन की प्रक्रिया लगभग 1 वर्ष पहले शुरू किया गया था। तब से लेकर आज तक जिलेभर से दर्जनों...

Nov 11, 2019, 06:20 AM IST
आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका चयन की प्रक्रिया लगभग 1 वर्ष पहले शुरू किया गया था। तब से लेकर आज तक जिलेभर से दर्जनों शिकायतें जिला से लेकर आईसीडीएस निदेशालय तक पहुंची है। लेकिन सबसे अधिक शिकायतें रानीगंज बाल विकास परियोजना से जुड़ा बताया जाता है।

रानीगंज प्रखंड के परिहारी वार्ड-1 और बिशनपुर वार्ड-8 का मामला अभी थमा भी नहीं था कि परमानंदपुर पंचायत वार्ड-14 में एक और मामला सामने आया है। इस संबंध में वार्ड-14 अंतर्गत मिनी केंद्र पर सेविका पद की अभ्यर्थी सोनम कुमारी ने मामले से सीडीपीओ को 25 दिन पहले ही अवगत करा दिया है। इसके बाद भी आंगनबाड़ी सेविका पद के लिए सोमवार को आमसभा की तिथि निर्धारित की गई है। 15 अक्टूबर को सोनम कुमारी द्वारा किए गए शिकायती आवेदन के अनुसार वर्ष 2018 में सेविका पद के लिए उन्होंने और प्रियंका कुमारी सहित कुल 6 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसमें अभ्यर्थी प्रियंका कुमारी का बिहार बोर्ड से मैट्रिक दिखाया गया था और कुल 58 फीसदी मेधा अंक प्रदर्शित किया गया था। जब आम सभा में चयन नहीं हुआ तब विभाग ने ऑनलाइन आवेदन फिर से मंगाया। इसमें पंचायत से मात्र 2 अभ्यर्थी ने आवेदन दिया, जिसमें सोनम कुमारी और प्रियंका कुमारी शामिल हैं। सोनम कुमारी का आरोप है कि ऑनलाइन दिए गए आवेदन के मेधा अंक में महिला पर्यवेक्षिका श्वेता कुमारी और सीडीपीओ द्वारा हस्ताक्षरित औपबंधिक मेधा सूची में प्रियंका कुमारी का मेधा अंक प्रतिशत 70 दिखाया गया है।

सीडीपीओ और डीपीओ से किए शिकायत में सोनम कुमारी ने कहा है कि इस बार वाले आवेदन में प्रियंका कुमारी ने दिल्ली बोर्ड का प्रमाण पत्र लगाया है। जो फर्जी लिस्ट में शामिल है। उन्होंने डीपीओ और सीडीपीओ से मामले की जांच करते फर्जी प्रमाण पत्र के साथ आवेदन करने वाली अभ्यर्थी पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बताया जाता है कि सेविका चयन के लिए डीएम स्तर से आमसभा की तिथि का निर्धारण कर दिया गया है। इधर, डीपीओ ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।

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