- Hindi News
- National
- Araria News Instructions Given To Auspicious People To Achieve Training In Dastarbandi And Tehfuje Jamhooriyat
दस्तारबंदी व तहफ्फुजे जम्हूरियत में तालीम हासिल करने की अकीदतमंदों को दी हिदायत
अररिया प्रखंड के बटुरबाड़ी पंचायत अंतर्गत मदरसा जामिया सिद्दीकीया झौआ में शुक्रवार की रात एक दिवसीय अजीमुस्सान इजलासे आम दस्तारबंदी और तहफ्फुजे जम्हूरियत का आयोजन किया गया। तकरीर में उलेमा ने मुल्क की बेहतरी के लिए लोगों से तालीम हासिल करने की हिदायत दी।
मुख्य अतिथि मौलाना शमशाद रहमानी कासमी ओसताद दारूल उलुम वक्फ बोर्ड देयोबंद व रुकने शुरा मजलिसे आमिला इमारते शरिया फुलवारीशरीफ पटना ने जलसा की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्यासे रहोगे शाकिए कौशर को छोड़कर ,पी जाओ शाहे सात समुंदर निचोडकर, कितना बुलंद हो गया। मिट्टी का आदमी, रिश्ता रसुल-ए-पाक की कदमों से जोड़कर पर खूब वाहवाही बटोरी। जलसे की आगाज असर नमाज के बाद मदरसा के बच्चों के तिलावत-ए-कुरआन से की गई। फजर नमाज से पहले मुल्क में अमन-चैन के लिए दुआ के साथ जलसा का समापन किया गया। मंच संचालन मौलाना अली मुर्तजा व मौलाना शमशाद फरीदी ने बखूबी अंजाम दिया। सफल आयोजन में जेरे निगरानी मो. नौशाद रहमानी नशर सचिव मदरसा हाजा, अध्यक्ष मो. जाफर रहमानी, हेड मौलवी कारी मो. सलमान, पूर्व मुखिया शोएब आलम, मो. इजहार रहमानी, शिक्षक खालिद रहमानी, इरशाद रहमानी, इश्तियाक डीलर, हाजी निजामुददीन, मुफ्ती अनवारूल हक आदि का सराहनीय योगदान रहा।
तालीम के मुद्दों का भी जिक्र
दीनी और दुनियाबी तालीम के लिए मदरसा को बढावा देने, उर्दू भाषा को तवज्जो देने, स्वच्छता का मुकम्मल ख्याल रखने, बाल विवाह व दहेज प्रथा जैसे बुराइयों को जड़ से भगाने के अलावे गरीबी-अमीरी को मिटाने के लिए इल्म पर जोर देने की बात कही गई।
कार्यक्रम में मुख्य रूप वक्ता ये थे
मौलाना शमशाद रहमानी कासमी ओसताद दारूल उलुम वक्फ बोर्ड देयोबंद, मौलाना मो. मंजूर आलम नौमानी उसतादे हदीश दारूल उलुम रहमानी मनौव्वर नगर जीरो माइल अररिया, मुफ्ती इनामुल बारी रजोखर, मौलाना शाहीद रहमानी, शायर हाफिज मनो मोजाहीदुल इसलाम, मौलाना मुश्ताक अहमद नदवी ने भी संबोधित किया।