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कोरोना वायरस को लेकर खुले मेंे मांस-मछली बेचने पर रोक, फिर भी सड़क किनारे हर दिन लग रहीं दुकानें
कोरोना वायरस पर नगर विकास व आवास विभाग के अलर्ट करने के बाद भी मांस-मछली की बिक्री सड़क किनारे जारी है। स्वास्थ्य विभाग भी कोरोना को लेकर गंभीर नहीं है। जिला वेक्टर नियंत्रण पदाधिकारी बताते हैं कि खुले में मांस-मछली की बिक्री से कोरोना फैलने की आशंका रहती है। इससे परहेज की जरूरत है। हालांकि, नियंत्रण पदाधिकारी ने बताया कि 26 डिग्री तापमान के बाद इस वायरस का असर कम होने लगता है। अब तो गर्मी के मौसम की शुरुआत हो रही है, इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं है। डॉ. गजेंद्र सिंह ने कहा कि इस रोग के प्रति जागरूकता ही बचाव है। उन्होंने लक्षणों को बताते हुए कहा कि इस रोग के लक्षण खांसी, बुखार, निमोनिया, श्वांस लेने में तकलीफ, दस्त होना, उल्टी होना व गुर्दा संबंधी परेशानी शामिल है। मांस-मछली कोरोना वायरस का सूचक है। जहां विभाग ने नप को जारी पत्र के आलोक में कोरोना वायरस का खतरा चीन से शुरू होकर सीमावर्ती देश नेपाल होते हुए भारत की सटी हुई सीमा को प्रभावित कर सकती है। संभावना व्यक्त की गई कि मांस आदि से यह वायरस फैल रहा है। तत्काल प्रभाव से मछली-मांस की बिक्री पर रोक लगाने की बात कह सतर्क की बात कही है। ईओ दीपक कुमार ने कहा कि शीघ्र पत्र जारी मामले में कार्रवाई की जाएगी।
पटेल चौक और सुभाष चौक पर खुले में बिक रहा मांस-मछली, कार्रवाई नहीं
शहर के पटेल चौक, सुभाष चौक समेत अन्य रोड में सेहत के साथ आमलोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। नियमों के विरुद्ध सड़क किनारे खुले में ही मांस-मछली की दुकानें सजती हैं। इसके लिए लोग प्रशासन को दोषी मान रहे हैं। रास्ते पर खुलेआम बकरे और मुर्गे काटे जा रहे हैं। मीट की दुकान के पास से गुजर रहे स्कूली बच्चे भी सहम जाते हैं। महिलाएं नाक बंद करके दुकानों के सामने से गुजरती हैं। सड़कों से पूजा करने के लिए मंदिर जाने वाली महिलाओं का तो और बुरा हाल है।
पिचकारी व मुखौटा से पटा बाजार।
होली पर चढ़ा चुनावी रंग, नेताओं के मुखौटा व झंडे की फारबिसगंज में भारी डिमांड
फारबिसगंज | होली पर चुनावी रंग चढ़ा है। बाजार में पिचकारियों पर मोदी, योगी, मायावती, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश, प्रियंका गांधी की तस्वीरें दिख रही हैं, लेकिन मोदी व योगी ब्रांड पिचकारियों की सबसे अधिक धूम है। यह नजारा पटेल चौक से सदर रोड के मेन बाजारों का है। दुकानदार रंजन साह ने बताया कि लोग मोदी व योगी के चित्रों वाली पिचकारी व रंग सबसे अधिक खरीद रहे हैं। इस साल लोग चुनावी रंगों वाले रंग और दूसरे आइटम ज्यादा काफी खरीद रहे हैं। पिछली बार की होली में यह ट्रेंड नहीं था। राजनीतिक दलों के नेताओं के मुखौटे भी अच्छी खासी डिमांड में है। जिसमें मोदी की मुखौटे की ज्यादा डिमांड है। दुकानदार रंजीत ने बताया कि इस साल राजनीतिक दलों से जुड़े रंग जैसे भाजपा का केसरिया, राजद का हरा, बसपा कांग्रेस नीला, सपा का लाल ज्यादा डिमांड में है। होली के आसपास स्थानीय बाजारों में केसरिया और नीले रंगों की कमी भी हो सकती है। मोदी, योगी, राहुल और प्रियंका गांधी की तस्वीरों वाली पिचकारी लोग खरीद रहे हैं। इनकी कीमत 20 रुपए से 200 रुपए तक है।वहीं, सुपरमैन, स्पाइडर मैन, छोटा भीम जैसे मुखौटों की मार्केट में खासा क्रेज है। बच्चे काफी पसंद कर रहे हैं। होली में रंग, पिचकारी के अलावा मुखौटों का क्रेज भी बहुत रहता है।
26 डिग्री तापमान पर वायरस का असर हो जाता है कम : जिला वेक्टर नियंत्रण पदाधिकारी