बचपन से कला के प्रति था रुझान, सूबे को सम्मान दिलाने पेंटिंग कर रहे विवेक

Araria News - प्रकृति और कला के बीच अनूठा संबंध है। कला किसी की मोहताज नहीं होती, कला के माध्यम से मन के भावों को प्रकट किया जा...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 06:21 AM IST
Araria News - there was a trend towards art since childhood vivek doing painting to honor the state
प्रकृति और कला के बीच अनूठा संबंध है। कला किसी की मोहताज नहीं होती, कला के माध्यम से मन के भावों को प्रकट किया जा सकता है। प्रत्येक व्यक्ति में कला समाहित होती है, केवल उसे अभिव्यक्त करने के लिए प्लेटफॉर्म की जरूरत है। फारबिसगंज वार्ड संख्या एक के 22 वर्षीय विवेक राज परख अब किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। फारबिसगंज के हरिपुर निवासी कुमुद कुमार दास और इंदु दास के पुत्र विवेक के हाथों की अंगुलियों में गजब का जादू है। वह जब रंग और ब्रश लेकर केनवास पर उकेरते हैं तो जीवंत तस्वीर तैयार हो जाती है।

जयपुर की प्रदर्शनी में बिहार से एकमात्र प्रतिभागी फारबिसगंज के हरिपुर निवासी विवेक राज परख की पेंटिंग शामिल, हुए सम्मानित

जयपुर में कला सम्मान प्राप्त करते विवेक।

कक्षा 5 से ही विवेक में जग गई थी पेंटिंग की रुचि, बीएफए कोर्स में लिया दाखिला

विवेक को पेंटिंग के क्षेत्र में वर्ग 5 से ही रुचि जग गई थी। दादा जी का नाम मोहन लाल दास जो गांव के मुखिया थे। पेंटिंग के प्रति रुचि रहने के बाद भी पता न था कि पेंटिंग से भी डिग्री मिल सकती है। वर्ग एक से सात तक हरिपुर में ही प्राइमरी शिक्षा ग्रहण करने के बाद 9वीं व 10वीं की पढ़ाई फारबिसगंज से पूरा किया। फारबिसगंज कॉलेज से ही इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन भी किया। विवेक को जैसे ही मालूम हुआ कि पेंटिंग क्षेत्र की पढ़ाई होती है तो उन्होंने डिस्टेंस एजुकेशन के तहत बीएफए कोर्स में दाखिला ले लिया।

कैनवास पर नेताजी की तस्वीर बनाते विवेक।

350 से अधिक पेंटिंग कर चुके हैं तैयार, य ूट्यूब से लेते हैं मदद

विवेक बताते हैं कि उन्हें इस क्षेत्र में रुचि जगी तो कैनवास पर चित्र उकेरने लगे। धीरे धीरे गहरी अभिरुचि हुई और अबतक लगभग 350 से अधिक पेंटिंग तैयार कर चुके हैं। उन्हें किसी ने सिखाया नहीं पर यूट्यूब का मदद जरूर लिया। विवेक अबतक पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी, आजाद हिंद फौज के संस्थापक सुभाष चन्द्र बोष,अभिनेता आमिर खान, शाहरुख खान, स्वामी विवेकानंद आदि की चित्र भी बनाई है। यही नहीं उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हूबहू तस्वीर भी बनाई। विवेक ने बताया कि इस सफलता का श्रेय वे अपने परिवार खासकर पिता, माता व बड़ी बहन सोनाली सुमन को देते हैं।

जयपुर के राष्ट्रीय प्रदर्शनी में विवेक को मिला सम्मान, दानापुर में भी हुुए पुरस्कृत

जयपुर में 2 और 3 नवंबर को जवाहर कला केंद्र में भव्या इंटरनेशनल के बैनर तले आयोजित कला प्रदर्शनी में विवेक बिहार से एकमात्र प्रतिभागी थे। इस प्रदर्शनी में विवेक के चार पेंटिंग्स लगे थे। निर्णायक मंडल ने इन्हें उत्कृष्ट पेंटिग्स के लिए राष्ट्रीय कला सम्मान से नवाजा। इस प्रदर्शनी में दिल्ली, मुम्बई, जयपुर, चंडीगढ़ समेत देश के कई राज्यों के प्रतिभागी शामिल हुए थे। विवेक ने बताया कि इससे पहले उन्हें पिछले साल पटना के आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज दानापुर में प्रथम पुरस्कार मिला था। विवेक कहते हैं कि मेरा बस एक ही सपना है बिहार को कला के क्षेत्र में आगे ले जाएं। यहां के बच्चों को कला की सही जानकारी देना और ये भी बताना कि आज जिस चीज में आपकी रुचि हो उस चीज में आपका कैरियर सुरक्षित है। बस एक कदम आप बढ़ाइए और बिहार को एक अलग मुकाम पर ले जाइए।

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