चिकन के कारोबार में 80 प्रतिशत की गिरावट
कोरोना वायरस के खौफ से लोग चिकन व अंडा खाना छोड़ रहे हैं। बीते 10 दिनों में जिले में चिकन के कारोबार में 80 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है। अंडे की खपत में 40 फीसदी तक कमी आ चुकी है। होली के दिन भी इसका बाजार में असर देखने को मिला। चिकेन की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ नहीं जुटी। दुकानदार निराश भी दिखे। तो वहीं मटन के दुकान पर लंबी लाइन लगी रही। पूरे जिले मंे सामान्य दिनों में प्रतिदिन 100 क्वींटल से ज्यादा चिकन की खपत होती थी, जो कोरोना के डर से पांच क्वींटल से भी कम हो गई है। 20 दिन पहले तक फॉर्म के जिंदा मुर्गे की औसत कीमत 120 रुपए प्रति किलो थी, जो गिरकर 40 से 50 रुपए पर आ गई है। वहीं कटे हुए मुर्गे की कीमत 140 से 260 रुपए किलोग्राम थी, जो 50 से 70 रुपए प्रति-किलोग्राम तक गिर गई है। बीते एक माह से खपत में गिरावट हुई है। जिस तेजी से खपत कम हुई है, उसी तेजी से कीमत भी कम हुई है, बावजूद इसके लोग चिकन खरीदने को तैयार नहीं हैं।
मटन व मछली के बढ़े दाम
जहां चिकन की कीमत लगातार गिर रही है, वहीं मटन की कीमत में 50 से 80 रुपए तक इजाफा हो गया है। मीट दुकान संचालक अहमद कुरैशी ने बताया कि मुताबिक सामान्य दिनों में मटन की कीमत 480 से 500 रुपए किलोग्राम तक थी, जो अब बढ़कर 540 से 560 रुपए तक जा पहुंची है। चिकन की सप्लाई घटने का साथ ही मटन की डिमांड पहले से बढ़ गई है, इस कारण दाम भी बढ़े हैं। होली के दिन तो मटन 600 से 650 रूपए किलो तक बिके हें। वहीं मछली दुकानदार विजय ने बताया कि मछली की कीमत में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। थोक बाजार में ही महंगे दाम में मछली की खरीदारी हो रही है। इधर पॉल्ट्री मुर्गा के व्यवसाय से जुड़े व्यवसायी संजय सिंह ने बताया कि उनलोगों का व्यवसाय इस कारण से पूरी तरह बर्बाद हो गया है। उनलोगों को लाखों का नुकासान हुआ है।
विभाग ने कहा- चिकन, मांस, अंडा व मछली खाने से नहीं होता कोरोना का संक्रमण
इधर पशु व मत्सय संसाधन विभाग ने विभिन्न अखबारों सहित सोशल मीडिया के माध्यम से विज्ञापन प्रकाशित कर लोगों को कोरोना वायरस से फैल रही भ्रांतियों से बचने की सलाह दे रहे हैं। विज्ञापन के माध्यम से बताया गया है कि मटन, चिकन, अंडा व मछली खाने से कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं होता है। यह भी बताया गया है कि मांस का सेवान करने से अभी तक कोरोना वायरस के कोई भी केस नहीं आया है। वहीं लोगों से सोशल मीडिया पर चलने वाले फेक न्यूज से भी बचने की सालह दी गई है।
ग्राहक का इंतेजार करता चिकन दुकानदार।