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कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट, अस्पताल में बनाए गए 8 बेड का आइसोलेशन सेंटर
गुरुवार को समाहारणालय के सभाकक्ष में डीएम सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में कोरोना वायरस से रोकथाम के लिए जिलास्तरीय समन्वय समिति/टास्क फोर्स की एक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान बताया गया कि कोरोना वायरस से संक्रमित 80 प्रतिशत मामले सामान्य होते हैं। जिसके मरीज सामान्य इलाज के बाद ठीक हो जाते हैं। कुछ मामलो में ही मरीजों को सांस लेने में थोड़ी कठिनाई होती है। लेकिन इलाज के बाद वे भी बिल्कुल ठीक हो जाते हैं। 2 प्रतिशत मामलों में रोगी सीरियस होता है और उसे विशेष इलाज की आवश्यकता पड़ती है। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अकरम अली, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मुकेश कुमार, सदर अस्पताल के एसीएमओ, वरीय चिकित्सक डॉ महेंद्र, डीपीआरओ धर्मवीर सिंह, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) शिक्षा विभाग, डब्लूएचओ के डॉ. विनायक, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद औरंगाबाद व दाउदनगर, आईसीडीएस डीपीओ रीना कुमारी मौजूद रहे।
विभाग बचाव के लिए पूरी तरह तैयार: सिविल सर्जन
जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. अकरम अली ने बताया कि विभाग द्वारा कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरी तैयार की गई है। सदर अस्पताल में 8 बेड का आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। जल्द ही स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऐसे केंद्र स्थापित कर दिए जाएंगे। जिले में 26 एम्बुलेंस कार्यरत है। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी बहुत घबराने की आवश्यकता नहीं है। जागरूकता एवं बचाव के कुछ उपायों द्वारा इससे बचा जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित क्षेत्रों से यात्रा करके आता है तो उससे संपर्क सीमित करना है। उस व्यक्ति में या उसके संपर्क में आने वाले लोगों में यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसी कोई समस्या हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करना है।
हवा व पानी से नहीं स्पर्श से फैलता है कोरोना वायरस : डॉ. विनायक
बैठक के दौरान सबसे पहले स्वास्थ विभाग के प्रतिनिधियों द्वारा कोरोना वायरस से संबंधित जानकारी, वायरस की प्रकृति एवं प्रसार के कारणों की विस्तृत जानकारी दी गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्विलांस ऑफिसर डॉ विनायक ने बताया कि कोरोना वायरस अन्य वायरस परिवारों जैसा ही एक वायरस परिवार है। जिसमें से कुछ प्रकार के कोरोना वायरस अभी संक्रमण के कारण हैं। यह एक टच बोर्ड वायरस है। अर्थात यह स्पर्श से फैलता है। हवा व पानी से यह नहीं फैलता है। इस वायरस का प्रसार एक मीटर से अधिक दूरी पर नहीं होता है। इसलिए संक्रमित व्यक्ति से एक मीटर से अधिक फासले पर रहने पर इसके संक्रमण का खतरा नहीं रहता है।
गया है। जल्द ही स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऐसे केंद्र स्थापित कर दिए जाएंगे। जिले में 26 एम्बुलेंस कार्यरत है। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी बहुत घबराने की आवश्यकता नहीं है। जागरूकता एवं बचाव के कुछ उपायों द्वारा इससे बचा जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित क्षेत्रों से यात्रा करके आता है तो उससे संपर्क सीमित करना है। उस व्यक्ति में या उसके संपर्क में आने वाले लोगों में यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसी कोई समस्या हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करना है।
कोरोना से बचने के लिए ये सावधानियां बरतें लोग
अपने हाथ साबुन-पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से साफ करें। खांसते या छींकते समय अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढकें। जिन्हें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों, उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचें। मीट व अंडों को खाने से पहले अच्छे से पकाएं। जंगली ओर खेतों में रहने वाले जानवरों के साथ असुरक्षित संपर्क न बनाएं। भीड़भाड़ वाली जगह पर न जाएं, खास तौर पर चीन से सफर कर लौटे व्यक्ति से दूर रहें। सब्जी और फलों को खाने से पहले अच्छी तरह धोएं।
कोरोना वायरस के ये हैं लक्षण
कोरोना वायरस के इंफेक्शन के शुरुआती लक्षण खांसी, अचानक बुखार आना, सांस लेने में परेशानी, दस्त, निमोनिया व उल्टी होना है। अगर इस तरह की शिकायत हो तो त्वरित स्थानीय स्वास्थ्य केन्द्र में संपर्क करें।
जनप्रतिनिधियों से भी लिया जाएगा सहयोग, जागरूक करने पर जोर
बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग लिया जाएगा। डीएम सौरभ जोरवाल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से भी लोगों को जागरूक करने के लिए आग्रह किया जाएगा। डीएम ने नगर निकायों एवं आईसीडीएस को भी अपने स्तर पर जागरुकता एवं बचाव के कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया। आज यानी शुक्रवार को समाहारणालय में सभी बीडीओ प्रभारी पदाधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक जीविका आदि के जागरूकता एवं क्षमता वर्धन के लिए कार्यशाला आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में शामिल डीएम व अन्य पदाधिकारी।
कोरोना वायरस से संक्रमित 80 प्रतिशत मामला सामान्य, इसका इलाज संभव: डीएम