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तीन वर्षों से लटका है कस्तूरबा विद्यालय में प्लस टू भवन का निर्माण, छात्राएं परेशान
हसपुरा के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में तीन वर्षों से प्लस टू भवन निर्माण का मामला लटका पड़ा है। वहीं बाउंड्री नहीं रहने के कारण छात्राएं भी दहशत में रहती है। एक तरफ सरकार बालिकाओं के शिक्षा व सुरक्षा पर करोड़ो रुपए खर्च कर रही है। तो वहीं हसपुरा कस्तुरबा विद्यालय में सौ छत्राओं की सुरक्षा बिना बाउंड्री वॉल के भवन में एक वार्डन के सहारे चल रहा है। विद्यालय भवन के तीन तरफ से बाउंड्री नहीं है। तीन तरफ से बिल्कुल खुला है। विद्यालय के सामने से आम रास्ता है। जिसके कारण विद्यालय परिसर में छात्राएं खेलने कूदने तथा अन्य गतिविधि करने में असहज महसूस करती है। विद्यालय में कर्मियों की भी काफी कमी है। डे व नाइट गार्ड का पद खाली है। छात्राएं कि पूरी सुरक्षा सीसीटीवी कैमरे के भरोसे है। जो किसी प्रकार के घटना घट जाने के बाद ही काम आएगा।
नियम के अनुसार सात फीट ऊंचा होनी चाहिए बाउंड्री
विभागीय नियम के अनुसार आवासीय विद्यालय का भवन के बाउंड्री की ऊंचाई कम से कम सात फीट होना चाहिए। इस संबंध में सभी कस्तुरबा विद्यालय से विभाग द्वारा रिपोर्ट मांगा गया था। जहां सात फीट से कम बाउंड्री है उसे ऊंचा करना है। हालांकि यहां तीन ओर से विद्यालय भवन पीछे से खुला मैदान है। जिसके चलते रात में कुत्ते, सियार, नीलगाय व जंगली सुअर जैसे जानवर परिसर में घुस जाते है। जिनकी आवाज से छत्राएं डर जाती है। वही सामने के आम रास्ते से कई वाहन गुजरता है। तीन दिन पहले रसोईया का बच्चा वाहन चपेट में आने से घायल हो गया था।
1 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत से बनना था तीन मंजिला भवन: कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय को अपग्रेड कर 12वीं तक करना है। इसकी क्षमता भी दोगुना करने की योजना थी। इसके लिए बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम को राशि भी एलॉट कर दिया गया था। इंजीनियरों का दो - तीन बार दौरे के बाद भी भवन निर्माण के लिए प्रस्तावित जमीन का एनओसी नहीं मिल पाया । तीन सालों से भवन निर्माण का मामला अटका पड़ा है। निर्देशानुसार वर्तमान विद्यालय के समीप 70 ×100 फीट का 7000 वर्ग फीट में तीन मंजिला भवन बनाना है। विद्यालय के कैम्पस में लगभग 55 × 100 खाली जमीन उपलब्ध है। शेष जमीन के लिए प्रखंड कार्यालय से आदेश लेना है। जबकि खाली जमीन के बगल में भूमि उपलब्ध है।
विद्यालय के अंदर पढ़ती छात्राएं।
सीसीटीवी के सहारे विद्यालय का सुरक्षा
कस्तूरबा विद्यालय की वार्डेन पिंकी कुमारी ने बताया कि छात्राओं की सुरक्षा सीसीटीवी के भरोसे है। जिसके जरिए वरीय अधिकारी के निगरानी में रहता है। सीसीटीवी वरीय अधिकारी के मोबाइल से जुड़ा हुआ है। उपलब्ध संसाधनों के बदौलत आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। बाउंड्री निर्माण के लिए विभाग को रिपोर्ट किया गया है। एनओसी नहीं मिलने के कारण प्लस टू भवन का निर्माण का मामला अधर में लटका है।
डे व नाइट गार्ड का पद है रिक्त, बाउंड्री नहीं रहने के कारण दहशत में रहती छात्राएं
हसपुरा के कस्तूरबा विद्यालय में खाली पड़ा परिसर।