पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Aurangabad(Bihar) News Get Animals Tagged Schemes Will Get Benefits On Priority

पशुओं की टैगिंग कराएं, प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का मिलेगा लाभ

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

पशुपालन विभाग द्वारा टैगिंग पशुओं को प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का लाभ दिया जाता है। इसलिए किसान अपने पशुओं का टैगिंग अवश्य कराएं। उक्त बातें डीएम सौरभ जोरवाल ने कही। वे समाहारणालय के सभाकक्ष में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम एवं संजीवनी योजना के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर को संबोधित कर रहे थे। उक्त प्रशिक्षण शिविर का आयोजन पशु एवं मत्सय विभाग द्वारा किया गया। डीएम ने कहा कि इस योजना के माध्यम से जिले के सभी पशुओं का यूनिक पहचान संख्या आवंटित किया जाएगा एवं पशुपालकों का पंजीयन किया जाएगा। विभाग से पंजीकृत पशुपालकों को पशुपालन से संबंधित सभी योजना प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्धाटन डीएम, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. ब्रजेश कुमार सिन्हा समेत अन्य ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। इस मौके पर डॉ. शैलेन्द्र कुमार, डॉ. बलेश्वर प्रसाद, डॉ. सुधीर कुमार सिन्हा सहित अन्य मौजूद रहे।

ऑनलाइन होगी पशुओं का क्रय विक्रय : कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि अब पशुओं का क्रय विक्रय ऑनलाइन होगा। इसके साथ-साथ पशु बीमा, टीकाकरण, अंत: कृमिनाशक की दवा एवं पशु चिकित्सा की सुविधा पशुपालकों को मिलेगा। इन सभी सुविधाओं के लिए पशुओं का टैगिंग अनिवार्य है। इस योजना को बिहार में शुरू करने के लिए औरंगाबाद में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। इसलिए पशुपालक ध्यान देकर अपने पशुओं का टैगिंग कराएं और अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ लें। ताकि उनका आर्थिक रूप से विकास हो।

क्या है संजीवनी योजना

पशु संजीवनी योजना केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई है। जो कई राज्यों में लागू हो चुकी है। इस योजना के तहत प्रजनन के साथ दुधारू पशुओं की यूनिक आईडी बनाई जाएगी। इसके माध्यम से पशुओं के चोरी व गुम होने पर तुरंत पता लगाया जा सकेगा। यह आईडी पशुओं के कानों पर लगाई जाएगी। इसमें 12 अंक का कोड डाला जाएगा। जिसमें पशुओं की संपूर्ण जानकारी होगी। संजीवनी पशु योजना में इंफॉर्मेशन नेटवर्क फोर एनिमल प्रोडक्शन एंड हेल्थ (इनाफ) साॅफ्टवेयर का डाटा अपलोड किया जाएगा।

आज सभी प्रखंडों में प्रशिक्षण
शिविर का किया जाएगा आयोजन


समाहारणालय के योजना भवन सभागार में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में मौजूद कर्मियों को मास्टर ट्रेनर डॉ. जयकिशन कुमार द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। किस तरह से पशुओं का टैगिंग करना है, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पशुपालन पदाधिकारी ब्रजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि यह सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में से एक है। इस योजना से पशुपालकों को काफी लाभ मिलेगा। आज यानी शनिवार को सभी प्रखंडों में प्रशिक्षण शिविर आयोजित की जाएगी।

क्रय विक्रय ऑनलाइन होगा। इसके साथ-साथ पशु बीमा, टीकाकरण, अंत: कृमिनाशक की दवा एवं पशु चिकित्सा की सुविधा पशुपालकों को मिलेगा। इन सभी सुविधाओं के लिए पशुओं का टैगिंग अनिवार्य है। इस योजना को बिहार में शुरू करने के लिए औरंगाबाद में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। इसलिए पशुपालक ध्यान देकर अपने पशुओं का टैगिंग कराएं और अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ लें। ताकि उनका आर्थिक रूप से विकास हो।


औरंगाबाद में पायलट प्रोजेक्ट योजना के तहत संजीवनी योजना की गई लागू

कार्यक्रम मौजूद पदाधिकारी व पशुपालन विभाग के कर्मी। प्रशिक्षण शिविर में मौजूद डीएम व अन्य अधिकारी।
खबरें और भी हैं...