पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Aurangabad(Bihar) News Kharmas Start Manglik Work Will Not Be Done Till 12

खरमास शुरू :12 तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

खरमास शुरू होने के साथ ही शुभ व मांगलिक कार्यों पर महीने भर का विराम लग गया। अब 12 अप्रैल तक किसी तरह के मांगलिक कार्य नहीं होंगे। अगले महीने 13 अप्रैल दिन सोमवार को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने के बाद खरमास समाप्त हो जाएगा व उसी दिन से शुभ व मांगलिक कार्य शुरू होंगे। खरमास में कोई भी शुभ मांगलिक आयोजन नहीं होंगे। विवाह, नये घर में गृह प्रवेश, नये वाहन की खरीद, संपत्तियों का क्रय-विक्रय, मुंडन संस्कार जैसे अनेक शुभ कार्य वर्जित होते हैं । सूर्य, गुरु की राशि धनु एवं मीन राशि में प्रवेश करता है तो इससे गुरु का प्रभाव समाप्त हो जाता है। शुभ मांगलिक कार्यों के लिए गुरु का पूर्ण बली अवस्था में होना आवश्यक है। इस दौरान सूर्य मलिन अवस्था में रहते हैं। इसलिए इस एक माह की अवधि में किसी भी प्रकार के शुभ मांगलिक कार्य नहीं किये जाते।

सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने पर लगता है खरमास |कर्मकांड विशेषज्ञ ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष पांडेय ने पंचांगों के हवाले से बताया कि 14 मार्च को सूर्य मीन राशि में प्रवेश कर गया है । जिस कारण से खरमास यानी अशुद्ध मास आरंभ हो गया । खरमास में पितृ पिंडदान का खास महत्व है। शास्त्रों में शादी-विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का होना बड़ा महत्वपूर्ण होता है। यह सबसे पवित्र रिश्ता माना गया है। इसलिए इसमें शुभ मुहूर्त का होना जरूरी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शादी के शुभ योग के लिए वृहस्पति, शुक्र और सूर्य का शुभ होना जरूरी है।

ऐसे तय होते हैं शुभ लग्न-मुहूर्त

पंडित कमलकिशोर पांडेय बताते हैं कि शादी के शुभ लग्न व मुहूर्त निर्णय के लिए वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु एवं मीन लग्न में से किन्ही एक का होना जरूरी है। नक्षत्रों में से अश्विनी, रेवती, रोहिणी, मृगशिरा, मूल, मघा, चित्रा, स्वाति,श्रवणा, हस्त, अनुराधा, उत्तरा फाल्गुन, उत्तरा भद्र व उत्तरा आषाढ़ में किन्ही एक का रहना जरूरी है। अति उत्तम मुहूर्त के लिए रोहिणी, मृगशिरा या हस्त नक्षत्र में से किन्ही एक की उपस्थिति रहने पर शुभ मुहूर्त बनता है।

खरमास में ही नवरात्र, 25 से शुरू

इस बार चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ खरमास में हो रहा है। कई साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है। चैत्र नवरात्रि 25 मार्च से प्रांरभ हो रहा है। इस दिन कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा की अराधना प्रारंभ होगी। वहीं 2 अप्रैल को महानवमी होगा। इसी दिन रामनवमी भी मनाया जाएगा।

प्रतिकात्मक तस्वीर

खबरें और भी हैं...