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विरोध बकाया वेतन की मांग को लेकर चार दिनों से हड़ताल पर हैं कर्मी, कहा-वेतन नहीं तो काम नहीं

एक वर्ष पहले
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बकाया वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर स्वास्थ्य कर्मी आठ मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। आंदोलन के चौथे दिन बुधवार को रेफरल अस्पताल कुटुंबा के गेट पर धरना पर बैठे रहे। स्वास्थ्य कर्मियों ने वेतन नहीं तो काम नहीं आदि सरकार विरोधी नारे भी लगाए। कर्मी दिलीप यादव, विजय कुमार मेहता व पिंकी कुमारी आदि कर्मियों ने बताया कि विगत सात माह से स्वास्थ्य कर्मियों को वेतन नहीं मिला है। जिसके कारण उन्हें आर्थिक तंगी से गुजर ना पड़ रहा है। होली जैसे त्यौहार में भी वेतन न मिलना कर्मियों के प्रति विभागीय उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि संबधित संस्थान में प्रत्येक दिन स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों का अंजाम जनहित में किया जाता रहा है। इसके बावजूद भी ससमय मासिक वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। विगत सात महीने से वेतन न मिलने के कारण स्वास्थ्य कर्मियों को अब दैनिक खर्च की वस्तुएं भी दुकान पर उधार नहीं मिल रहा है। अन्य कर्मियों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में काम करने के बाद उन्हें अपने वेतन के लिए भी आंदोलन करना पड़ रहा है। आंदोलन में रीना कुमारी, अमिता कुमारी, रिभा कुमारी, मंजू कुमारी, आशा कुमारी, सुरेश प्रसाद, लक्ष्मण यादव, विजय कुमार मेहता, टुन्नी लुगुन टोपनो, माधुरी कुमारी, संगीता कुमारी, संध्या कुमारी (फार्मासिस्ट), कांति कुमारी, मांति कुमारी, उर्मिला कुमारी, अमर कुमार, रेणु कुमारी, अरुण प्रसाद (लिपिक), अभय कुमार (लिपिक), राजीव कुमार सिंह, शकुंतला कुमारी, प्रभूषण प्रसाद, प्राणपति कुमारी सहित अन्य पुरुष व महिला स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।

मांगें पूरी न होने तक जारी रहेगा आंदोलन

धरना पर बैठे स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि जबतक उनकी सभी मांगे पूरी नहीं होगी तबतक यह आंदोलन जारी रहेगा। सरकार जो उनके साथ सौतेलापन व्यवहार कर रही है। उसका जवाब स्वास्थ्य कर्मी पूरी एकजुटता के साथ देंगे। विदित हो कि सभी कर्मी हाजिरी बनाकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। इससे स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हुई है। इक्के-दूक्के संविदा पर के कर्मियों को छोड़कर सभी कामकाज ठप कर धरना पर बैठे रह रहें हैं।

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