तेज हवाअाें के साथ बारिश से रबी फसलों की हुई क्षति
शुक्रवार की सुबह से ही आसमान में घिरे बादलों के साथ तेज गड़गड़ाहट सहित अंधेरा कायम कर तेज हवाओं के साथ मूसलाधार वर्षा शुरू हुई। वहीं पूरे दिन सूर्यदेव बादलों में छिपे रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। बताते चलें कि इन दिनों लगातार मौसम के बदलते तेवर से किसान पूरी तरह से मायूस हो गए हैं। हर गली मोहल्ले चौराहे पर एक ही चर्चा होती है इस बार सारी तैयार फसलें चौपट हो जाएंगी। कारण इंद्र भगवान ने रुक रुक कर लगातार बारिश से तैयार गेहूं की बालियां के अंदर गई पानी से गेहूं का काले पड़ जाएंगे। किसान आकाश चंद्र, देबू दुबे, शिवपूजन शर्मा, सुजित शुक्ला, रामाधार प्रजापति, प्रवेश कुमार आदि का कहना है कि सरसों, मटर, चना पर लगी फुल झर जाएगी।
मौसम का यही रवैया रहा तो गेहूं की उपज में कमी आ जाएगी तथा सब्जियों की अच्छी उपज की समय आई थी, परंतु लगातार हो रही बारिश ने
सारी सब्जियां बैगन , बोदी, टमाटर आलू , लौकी आदि बहुत ज्यादा प्रभावित कर रही
हैं। जिससे सब्जियों में कीड़े लगने का भय किसानों को सताने लगा है।
सब्जियों की भी बर्बाद होने की सता रही चिंता
बारिश से सभी सब्जियां बर्बाद होेने की चिंता किसानों को सता रही है। सब्जियां की मंहगाई बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है। बहुत तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से बैर की फल एवं आम के पेड़ में लगी आम की मंजर झरने लगें एवं आम के मंजर गंदे होने की आशंका बढ़ गई। इस समस्याओं से घिरे किसान चिंतित हैं परंतु कुदरत द्वारा ढाए जा रहे कहर का कोई किसानों के पास उपाय भी नहीं है। जिससे अपना तैयार फसल बचा सके। जिससे परिवार का भरण पोषण करने में उन्हें राहत मिल सके।
गेहूं की फसल