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मार्च में जुलाई जैसे हालात, असमय बारिश होने से फसलों को नुकसान,आज भी बारिश की संभावना

एक वर्ष पहले
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मार्च माह में जुलाई जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। असमय बारिश से जहां फसलों को नुकसान हो रहा है तो वहीं जन-जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग की मानें तो तेज हवा के साथ रविवार को भी बारिश की संभावना है। कृषि विभाग के अुसार पूरे जिले में शुक्रवार से शनिवार तक 330.7 एमएम बारिश हो चुकी है। शुक्रवार से जो बारिश शुरू हुई है, वह शनिवार को पूरे दिन होती रही। सुबह में कई इलाकों में बादल गरजने के साथ मूसलाधार बारिश हुई है। जिससे दलहन, तिलहन व गेहूं के फसल के साथ-साथ सब्जी, स्ट्रॉबेरी व फूल की खेती भी प्रभावित हुई है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो लगभग पांच साल से मौसम का चक्र बदल रहा है। जिसके कारण ही बेमौसम बारिश हो रही है। अब किसानों को भी खेती के पैटर्न में बदलाव लाने की जरूरत है। मार्च के मध्य में जब फसले पक रही हैं तो ओले पड़ना व बारिश होना मौसम चक्र में परिवर्तन का घोतक है। मौसम विभाग के चेतावनी के अनुसार रविवार को भी तेज बारिश होने की आशंका है। जिससे किसानों की परेशानी और भी बढ़ने वाली है।

आंकड़ों में जानिए किस प्रखंड में हुई शनिवार को कितनी बारिश


प्रखंड (एमएम में)

औरंगाबाद 19.2 एमएम

बारूण 18.2 एमएम

दाउदनगर 31.3 एमएम

देव 18.6 एमएम

गोह 42.6 एमएम

हसपुरा 39.4 एमएम

कुटुम्बा 16.2 एमएम

मदनपुर 27.4 एमएम

नवीनगर 29.4 एमएम

ओबरा 40.4 एमएम

रफीगंज 48.4 एमएम

कोरोना को ले स्वास्थ्य केन्द्र समीक्षा बैठक

रफीगंज | डीएम के निर्देश के बाद रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कोरोना वायरस से बचाव को ले बीडीओ रीतेश कुमार सिंह, सीओ अवधेश कुमार सिंह जायजा लिया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिंह के साथ निरीक्षण के बाद समीक्षा बैठक किया। बीडीओ ने बताया कि शुक्रवार को इस महामारी को ले जिला स्तरीय बैठक हुई थी। डीएम के आदेश पर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का करोना वायरस को लेकर जांच किया गया। जांच उपरांत सभी आवश्यक उपकरण एवं सुविधाएं संतोषजनक पायी गयी। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि करोना वायरस को ले सभी तरह की आवश्यक तैयारी कर ली गई है।

गोह में पशु संजीवनी कार्यक्रम का आयोजन

गोह |गोह प्रखंड मुख्यालय स्थित पशु अस्पताल में पशु संजीवनी कार्यक्रम का उद्घाटन शनिवार को डॉ नीतीश कुमार, डॉ सुधीर कुमार सिन्हा, डॉ रजनी कुमारी, डॉ घनश्याम, पैक्स अध्यक्ष राजीव विद्यार्थी ने संयुक्त रूप से दीप जला कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता व संचालन प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ नितीश ने किया । उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशु को ईयर टैग करना है। एक तरह का पशु आधार कार्ड बनाया जाना है। ताकि पशु का बीमा करने, पशुपालकों को पशु धन क्रेडिट कार्ड मुहैया कराने, पशु को आनलाइन खरीद बिक्री के साथ साथ समुचित रख रखाव में सहूलियत मिल सके।

फसल क्षति आकलन का दिया गया निर्देश


लगातार हुई बारिश व ओलावृष्टी के कारण हुई फसलों की क्षति के आकलन में भी कृषि विभाग जुट चुका है। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार चौधरी के अनुसार सभी किसान सलाहकारों को फसल क्षति आकलन करने का निर्देश दिया गया है। उनके द्वारा जो रिपोर्ट दी जाएगी। उसे प्रदेश स्तर पर भेजा जाएगा। ताकि किसानों को हुए नुकसान की भरपायी की जा सके।


स्ट्रॉबेरी, सब्जी व फूल की खेती भी हुई प्रभावित, लाखों का नुकसान परंपरागत खेती के साथ-साथ स्ट्रॉबेरी, सब्जी व फूल की खेती करने वाले किसानों को भी इस बेमौसम बारिश ने तोड़कर रख दिया है। इससे किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है। जिले के कुटुम्बा, ओबरा, हसपुरा सहित कई इलाकों में अब स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले किसानों की संख्या बढ़ी है।

सब्जी के खेत में जमा बारिश का पानी।

बारिश व ओले से 30 से 40 फीसदी उत्पादन कम होने की संभावना

कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो पिछले पांच सालों में ऐसा पहली बार हुआ है। जब खेतों में फसल पकने की स्थिति में है और आसमान से आफतों की बारिश हो रही है। इस बारिश व ओले से फसलों के उत्पादन काफी प्रभावित होने की आशंका है। 30 से 40 फीसदी उत्पादन कम होने की संभावना जतायी जा रही है। जिस तरह से लगातार बारिश हो रही है, उसका यदि आकलन किया जाए तो जहां दलहन व तिलहन की फसले पूरी तरह से चौपट हो चुकी हैं तो वहीं अब खेतों में लगे गेहूं के फसल भी बारिश के कारण गिर गई है। अधिकांश इलाकों में खेतों में लगे फसल की यह स्थिति देखने को मिल रही है। कृषि विभाग के अनुसार इस बार पूरे जिले में 71 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है तो वहीं 41 हजार हेक्टेयर में दलहन व आठ हजार हेक्टेयर में तिलहन की खेती हुई है। लेकिन बदले मौसम व बेमौसम बारिश ने खेती पर काफी प्रभाव डाला है। जिससे उत्पादन अब काफी कम होने की संभावना उत्पन्न हो गई है। जिसने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है।

ओबरा के थाना रोड में बारिश के बाद सड़क पर बह रहा पानी।

मौसम बदलने से पारा भी लुढ़का, बढ़ी ठंड, शहर से लेकर प्रखंड मुख्यालयों तक में सड़कों पर लगा बारिश का पानी

मोटर पंप लगाकर अंबा बाजार में दुकान से निकाला जाता बारिश का पानी।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण लगातार बारिश हो रही है। रविवार को भी पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। वहीं हवा के साथ बारिश भी होने का अनुमान है। इससे फसलों के नुकसान के साथ-साथ तापमान में भारी गिरावट आ सकती है। हालांकि सोमवार से मौसम खुला रह सकता है। कम समय के अंतराल पर पश्चिमी विक्षोभ के अाने के कारण ही यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इधर कृषि विभाग के अनुसार शनिवार को सबसे ज्यादा बारिश रफीगंज प्रखंड में तो सबसे कम कुटुम्बा में हुई है।
डॉ. अनूप कुमार चौबे, (कृषि मौसम वैज्ञानिक), औरंगाबाद।


अंबा में स्ट्राबेरी के खेत में भरा पानी।

बारिश के बाद खेतों में गिरे गेंहू की फसल।
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