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निरीक्षण करने के बाद बोले कांग्रेसी नेता- रेफरल अस्पताल की व्यवस्था बद से बदतर, डॉक्टर की कमी

एक वर्ष पहले
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कटोरिया रेफरल अस्पताल में रविवार को कुत्ते के काटने पर इलाज के लिए आए घोरमारा के एक 13 वर्षीय बालक को बिना एंटी रैबिज वैक्सीन दिए चिकित्सक द्वारा वापस लौटाकर बालक के जीवन से खिलवाड़ किये जाने का मामला सामने अाया है। जानकारी के अनुसार कटोरिया थाना क्षेत्र स्थित घोरमारा गांव के सीताराम यादव के 13 वर्षीय पुत्र रंजन कुमार के हाथ की अंगुली में रविवार सुबह कुत्ते ने काट लिया।

उक्त बालक परिजन के साथ एंटी रैविज वैक्सीन लेने कटोरिया रेफरल अस्पताल पहुंचा, जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सा प्रभारी डाॅ. एसडी मंडल ने मामूली जख्म कहकर पर्ची पर महज टेटनस की सूई लिखकर वापस भेज दिया। जब उक्त किशोर के परिजन ने एंटी रैविज वैक्सीन देने की मांग की तो चिकित्सा प्रभारी ने मामूली जख्म कह टेटनस की सूई से ही ठीक होने की बात कह एंटी रैविज वैक्सीन लिखने से मना कर दिया। कुत्ते के काटे को मामूली बताकर एंटी रैविज वैक्सीन नहीं देना चिकित्सक की लापरवाही दिखाती है, जबकि कुत्ते ने जिस अंगुली में काटा था, वहीं से खून बह रहा था और काटने का निशान साफ दिखाई दे रहा था। चिकित्सक की ये लापरवाही उक्त किशोर के जीवन को बेहद मुश्किल में डाल सकता है।

घरेलू कुत्ते के नाेचने से नहीं फैलता है जहर

घरेलू कुत्ते के नाेचने व मामूली रूप से जख्म से विष नहीं फैलता है, जिस कारण से रेबिज की सुई नहीं दी गई।
-एसडी मंडल, चिकित्सा पदाधिकारी कटोरिया

भास्कर न्यूज | अमरपुर

प्रखंड कांग्रेस कार्यालय परिसर में पार्टी के प्रखंडध्यक्ष प्रदीप कुमार चतुर्वेदी की अध्यक्षता में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रेसवार्ता के दौरान प्रखंडध्यक्ष ने बताया कि अमरपुर शहर में स्थित रेफरल अस्पताल की विधि व्यवस्था बद से बदतर हो चुकी है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार शनिवार के दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल परिसर का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें अस्पताल की विधि व्यवस्था की सारी पोल खुल गयी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में प्रति माह 600 गर्भवती महिलाओं का डिलिवरी किया जाता है, लेकिन अस्पताल में एक भी शिशु स्पेशलिस्ट डाक्टरों की नियुक्ति नहीं किया गया है।

बड़ी दुर्घटना होने की अाशंका

हड्डी रोग स्पेशलिस्ट, नेत्र चिकित्सक, नर्स, ड्रेसर की घोर कमी पाई गयी। मौके पर पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि अस्पताल 1985 में बनाई गई है, जिस कारण अस्पताल का भवन जर्जर हो चुकी है। जर्जर भवन कभी भी धराशायी होकर गिर सकती है। जिससे बड़ी दुर्घटना घटित होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा सीएए जैसी विल पर एवं बिहार सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पूरे देश के नागरिक कोरोना जैसी गंभीर बीमारियों से दहशत में हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है। बिहार में बेरोजगारी, अफसरसाही, भ्रष्टाचार जैसी अनगिनत समस्याओं में बेतहाशा वृद्धि हो रही है, लेकिन बिहार सरकार सुशासन की राग अलाप कर जनता को गुमराह करने से बाज नहीं आ रहे है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य व्यवस्था में फैली अराजकता के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के द्वारा आगामी 13 मार्च को अमरपुर के स्थानीय रेफरल अस्पताल परिसर में एक दिवसीय धरना कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर पार्टी के प्रखंड उपाध्यक्ष पूर्णिमा चक्रवर्ती, प्रदेश सेवादल के संयुक्त सचिव राजेश घोषाल, निखिल घोषाल, सिन्टु दास, राजकुमार पोद्दार समेत दर्जनों की संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद थे।

लापरवाही: बालक को कुत्ते ने खरोचा डॉक्टर ने नहीं दी रैबिज की सुई

जानकारी देते कांग्रेस के पार्टी के कार्यकर्ता।
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