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- Banka News By 8 Am On Saturday 34 Mm Rain Broke Ten Year Record Maximum 80 And Minimum 50 Pts
शनिवार सुबह 8 बजे तक 34 एमएम बारिश ने दस साल का तोड़ा रिकॉर्ड, अधिकतम 80 व न्यूनतम पारे में 50 कमी
पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम ने करवट ली और जिले में झमाझम बारिश हुई। जिससे मार्च में मानसून जैसा नजारा महसूस हुआ। शुक्रवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। रुक-रुककर रिमझिम बारिश भी होती रही। शुक्रवार की देर रात 11 बजे से जो झमाझम बारिश शुरू हुई, जो शनिवार को भी दिन भर और देर रात तक होती रही। अत्यधिक बारिश और 40 किमी की रफ्तार से हवा के चलने के कारण कटोरिया प्रखंड के जयपुर के टेंगरिया गांव में एक झोपड़ीनुमा घर धाराशायी हो गया, जिससे पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को विवश है। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। बांका कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक जुबली साहु के अनुसार रविवार को भी बारिश होगी। सोमवार से मौसम साफ होने के आसार है। जिला कृषि विभाग के मुताबिक शनिवार सुबह 8 बजे तक 34 मिली मीटर बारिश हुई, जो मार्च महीने में पिछले 10 वर्षों के बारिश का रिकार्ड तोड़ चुका है। मौसम वैज्ञानिक ने आगे बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण बिहार और उत्तर प्रदेश में बारिश हो रही है। सोमवार को बारिश से थोड़ी राहत मिलने की संभावना है, हालांकि आसमान में बादल छाए रहेंगे। बेमौसम बारिश का आम जनजीवन के अलावा खेती पर भी व्यापक असर पड़ा है। बारिश के कारण शनिवार को दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। कोरोना को लेकर सरकार द्वारा शिक्षण संस्थानों के बंद करने का आदेश और बारिश के बीच शहर में गतिविधियां न के बराबर दिखी। अधिकांश दुकानें बंद थी। शहर की सड़कें बारिश के कारण कीचड़मय हो गई है। बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान में 8 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
जनजीवन प्रभावित सड़कें कीचड़मय
बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। बारिश सेे शिवाजी चौक से डोकानियां मार्केट, विजयनगर चौक, शास्त्री चौक, आजाद चौक एवं सब्जी मंडी के पास नाली का पानी और कीचड़ सड़क पर मिल गया है।
क्षति का होगा आकलन
मार्च के महीने में इतनी बारिश होने की संभावना नहीं होती है। बारिश की वजह से दलहन एवं तिलहन की फसलों को काफी नुकसान होने की संभावना है। बारिश के बाद इसकी क्षति का आंकलन
किया जाएगा
- सुदामा महतो, जिला कृषि पदाधिकारी, बांका।
45 हजार हेक्टेयर में लगे दलहन, तिलहन फसल को नुकसान
बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। मार्च महीने में 34 एमएम बारिश ने खेती को खासा नुकसान पहुंचाया है। खासकर दलहन और तिलहन की फसल को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसल के लिए भी यह बारिश नुकसानदेह बताया जा रहा है। जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा महतो ने बताया कि बारिश की वजह से दलहन यथा चना व मसूर तथा सरसों की खेती को भारी नुकसान हुआ है। बारिश की वजह से चना, मसूर की लगी फसल बर्बाद हो जाएगी। वहीं, सरसों की कटी हुई फसल या फिर खलिहान में रखा सरसों को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश में नमी के कारण सरसों की गुणवत्ता खराब होगी, जिससे तेल की क्वालिटी खराब हो जाएगी। इसके अलावा खेत में लगी फसल में भी बीमारियों का प्रकोप अधिक होगा। गेहूं की फसल में भी पानी लगने पर फसल को नुकसान होगा। उन्होंने किसानों को सलाह दिया है कि गेहूं के जिन खेतों में पानी जमा है, उसे निकाले। इधर प्याज की खेती को बारिश से लाभ होगा, जबकि आम के मंजर को नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग के मुताबिक जिले में इस वर्ष 3 हजार हेक्टेयर में मसूर, 4.5 हजार हेक्टेयर में चना तथा 16 सौ हेक्टेयर में सरसों और 36 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है।
मार्च महीने में पिछले 10 वर्षों का रिकार्ड
वर्ष वर्षापात (मिमी में)
2011 7.9
2012 00
2013 00
2014 2.9
2015 18.0
2016 1.2
2017 2.60
2018 00
2019 00
2020 34
सोमवार को होगा मौसम साफ
पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश की स्थिति बनी है। रविवार तक बारिश होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। सोमवार से मौसम साफ रहेगा। बारिश की वजह से ठंड में भी इजाफा हुआ है। पारा पांच डिग्री तक गिरने की संभावना है
- जुबली साहु, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, बांका।
शास्त्री चौक पर बारिश से हुआ जलजमाव।
बारिश से दलहन, चना, मसूर, आम के मंजर तथा सरसों की खेती को भारी नुकसान, प्याज को हुआ फायदा
शिवाजी चौक पर बारिश से सड़क हुई कीचड़मय।