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भगवान मधुसूदन काे फगदाेल में विराजमान कर, भक्ताें ने उनपर चढ़ाए रंग और गुलाल

एक वर्ष पहले
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ब्रज की तर्ज पर मधुसूदन नगरी में दाे दिवसीय होलिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। आस पास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं की टोली मधुसूदन मंदिर पहुंची और अपने अलग ही पारंपरिक अंदाज में भक्तों ने रंग और गुलाल की होली भगवान मधुसूदन के साथ खेली। दो दिवसीय इस आयोजन को लेकर भगवान मधुसूदन मंदिर को रंगीन पताकों से सजाया गया था। व्रज की तर्ज पर मधुसूदन नगरी में हाेली मनाये जाने काे लेकर सर्व प्रथम हाेली के दिन भगवान मधुसूदन की गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की गई। जहां उन्हें पकवान के भाेग भी लगाये गये। इसके बाद भगवान काे गर्भगृह से पीले पिताम्बरी में लपेट कर पंडिताें की टाेली व श्रद्धालुअाें द्वारा मंदिर प्रांगण में बनाये गये झगदाेल पर अाकर विराजमान कराया गया। जहां बारी-बारी से श्रद्धालुओं ने उनसे गुलाल की होली खेली और प्रसाद स्वरुप एक दूसरे को गुलाल लगाया और अपने अपने घरों को ले गये।

विभिन्न चौक-चौराहे पर होली का जश्न

भास्कर न्यूज | बांका

शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में होली सोमवार व मंगलवार को आपसी प्रेम एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाई गई। लोगों ने एक-दूसरे को रंगों से सराबोर कर दिया। दिन में टोलियों में युवा, महिलाएं, बुजुर्ग एवं बच्चे घूम-घूम कर लोगों को रंग लगाते दिखे। जबकि शाम में अबीर लगाने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक चलता रहा। लोगों ने तरह-तरह के पकवान का आनंद भी लिया। शहर के अलीगंज, बाबूटोला, आजाद चौक, करहरिया, विजयनगर, जगतपुर, नयाटोला, नेहरू कॉलोनी, आनंद कॉलोनी सहित अन्य जगहों पर शांतिपूर्ण तरीके से होली पर्व को मनाया गया। पर्व को लेकर शहर के शिवाजी चौक, गांधी चौक, शास्त्री चौक सहित शहर के अन्य जगहों पर पुलिस बल को तैनात किए गए थे।

सुबह से ही रंग खेलने का सिलसिला चालू

सुबह से ही रंग खेलने का सिलसिला जाे चालू हुआ वह दोपहर तक जारी रहा। महिलाओं ने लोगों के घरों में जाकर अबीर लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। बच्चों ने सुबह से ही हुड़दंग मचाना शुरू कर दिया। पिचकारी व गुब्बारों में रंग भर कर गुजरने वालों को भिगोते रहे। शहर की पुरानी बस-स्टैंड में युवाओं की टोली ने मटका भी फोड़ा।

पारंपरिक वाद्य यंत्रों संग मधुसूदन संग खेली हाेली


भक्त पारंपरिक वेशभूषा पहन कर उनके गीतों को गाने लगे, श्रद्धालु अपने हाथों में पारंपरिक वाद्य यंत्रों ढोलक, झांझ, करताल आदि लेकर आए थे, जिसे बचाते हुए भगवान मधुसूदन के साथ हाेली खेली गयी। इस दाैरान भक्ताें द्वारा कौन पूरी से चले बाराती कौन पूरी को जाना रे.... एहो देखो लाला राधेश्याम निकल गयो... आदि भजन गाने लगे। जिस पर श्रद्धालु झूमने को विवश हो गये। मंदार के हाेलिकाेत्सव में शामिल हाेने के लिए एसपी अरविंद कुमार गुप्ता, एसडीओ मनोज कुमार चाैधरी, एसडीपीओ डीसी श्रीवास्तव भी मौजूद थे। मालूम हाे कि मधुसूदन नगरी में पारंपरिक तरीके से होली की प्रथा सदियों पुरानी है। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में शाम से ही जुटने लगी थी। मधुसूदन मंदिर को आकर्षक रंग से जय राधेय लिखे रंग विरंगी पताकों से सजाया गया था। मंदिर के चारों तरफ दुधिया रोशनी से नहलाया गया था।

विभिन्न इलाकों में होली पर्व रही शांतिपूर्ण

फुल्लीडुमर/बौंसी| प्रखंड के विभिन्न गांवों में रंगों और उमंगों का रंगोत्सव होली पर्व बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास से मनाया गया। इसके पूर्व लोगों ने जमकर धुरखेल खेला एवं संध्या होलिका दहन में भाग लिया। इसके दूसरे दिन सोमवार एवं मंगलवार को इस मौके पर लोगों ने जमकर होली खेली। होली पर्व में फुल्लीडुमर एवं खेसर थाना क्षेत्र में कहीं किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना तो दूर किसी तरह की वाद-विवाद की भी सूचना नहीं मिली। इधर, बौंसी प्रखंड के विभिन्न इलाकों में होली का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया।

हुड़दंगियों पर रही पुलिस की नजर

बाराहाट | प्रखंड क्षेत्र में होली को लेकर असामाजिक तत्वों पर पुलिस की कड़ी निगरानी रही। कहीं से काेई अप्रिय वारदात की खबर नहीं है। थानाध्यक्ष परीक्षित पासवान के द्वारा क्षेत्र में सभी चौक-चौराहे व गांव में पुलिस की कड़ी तैनाती की गई थी। जिसे देख हुड़दंगियों ने परहेज किया और शांतिपूर्ण तरीके से होली त्योहार हर्षोल्लास के वातावरण में संपन्न हो गया। लोगों ने जमकर रंग गुलाल उड़ाये और देर शाम बड़ों का अबीर लगाकर आर्शीवाद प्राप्त किया।

गांवों में डीजे की धुन पर मना जश्न

चांदन | पूरे प्रखण्ड क्षेत्र मे रंगों और गुलालों का त्योहार होली छिटपुट घटनाओं के साथ शांतिपूर्ण माहौल मे संपन्न हो गया। ज्यादातर गांवों मे डीजे की धूम रही और डीजे की धुन पर युवा थिरकते नजर आए। यहां तक कि फगुआ के पारंपरिक गीतों पर झूमने वाले लोग भी डीजे की धुन पर थिरकते नजर आए। ज्यादातर गांवों मे डीजे का ही दबदबा रहा। एक आध ही गांवों में लोग ढ़ोलक, झाल, करताल व मंजीरा के साथ होली की पारंपरिक फगुआ गीत पर झुमते नजर आए।

लोगों ने बुराई के प्रतीक होलिका का दहन किया

बेलहर | रंगों का त्योहार होली शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। होली में लोगों ने जमकर एक दूसरे को रंग अबीर एवं गुलाल लगाए तथा पुए मालपुए एवं मिठाइयां खिलाइ। बच्चों में खासकर इस त्यौहार को लेकर अलग ही उमंग व खुशियां थी। सोमवार को लोगों ने बुराई के प्रतीक होलिका दहन किया व दूसरे दिन मंगलवार को उस राख को उड़ा कर एक दूसरे के गालों पर लगाया। इसके साथ ही मिट्टी व कीचड़ भी लगाए तथा दोपहर बाद एक दूसरे को अबीर-गुलाल एवं रंग लगाकर होली के मस्ती में सराबोर हो गए। ग्रामीण क्षेत्रों में होलिका की टोली बनाकर घर-घर जाकर होली गीत एवं जोगीरा गाकर ढोलक के थाप पर जमकर जश्न मनाया। होली के फाग गीतों एवं जोगीरा की जगह डीजे एवं अश्लील गीतों ने ले लिया है। जो कि भारतीय संस्कृति एवं होली के महत्व पर खतरा है। आज लोग ढोलक झाल की जगह डीजे एवं अश्लील गीतों की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि बिहार में शराबबंदी के कारण शराब पीकर हो हल्ला मचाने वाले कम ही नजर आए।

मटका फोड़ होली में गीतों पर झूमे युवा

हाेलिकाेत्सव पर भगवान संग गुलाल खेलने उमड़े श्रद्धालु।

पिचकारी से एक-दूसरे को रंग लगाते बच्चे

होली के अवसर पर फागुआ व झुमटा गीत गाते लोग।

होली की पारंपरिक गीतों का क्रेज बरकरार

भगवान मधुसूदन काे क्षत्रप के नीचे पीले वस्त्र में फगदाेल पर विराजमान करने ले जाते पंडित। फगदाेल पर विराजमान भगवान मधुसूदन काे रंग-गुलाल लगाते श्रद्धालु।

सिलसिला जाे चालू हुआ वह दोपहर तक जारी रहा। महिलाओं ने लोगों के घरों में जाकर अबीर लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। बच्चों ने सुबह से ही हुड़दंग मचाना शुरू कर दिया। पिचकारी व गुब्बारों में रंग भर कर गुजरने वालों को भिगोते रहे। शहर की पुरानी बस-स्टैंड में युवाओं की टोली ने मटका भी फोड़ा।

बच्चें होली पर्व का आनंद लेते हुए।

बस-स्टैंड में होली खेलते बच्चे।

धोरैया में मटकाफोड़ होली का विहंगम दृश्य।

धोरैया | बटसार गांव विषहरी स्थान में आयोजित मटका फोड़ होली में बच्चे, युवा व बूढ़ों ने जमकर जश्न मनाया। होली की मदमस्त गीत के बीच 25 फीट की ऊंचाई पर बंधे मटके के तोड़ने के लिए लोगों का उत्साह देखते बन रहा था। मटका फोड़ने वालों के बीच रंगों का फुहार व पानी की बौछार के बीच लोगों का उमंग सातवें आसमान पर था। पूरे पंचायत के लोगों ने इसका जमकर मजा लिया। युवाओं ने एक-दूसरे पर चढ़ कर मटका फोड़ा। मटका फोड़ने वाले को मुखिया सहित अन्य लोगों ने नगद इनाम दिया गया।

जयपुर | जयपुर थाना क्षेत्र में होली शांति पूर्वक सम्पन्न हुई। कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। बच्चे पिचकारी संग ज्यादा खुश दिखे और एक दूसरे को रंग डालते दिखे। आज से कुछ वर्ष पहले की तुलना में होली का रंग फीका नजर आया। न तो वह ढोल की ताल और न ही झाल पर झूमते फाग गाते लोग कोई नजर आए। शराबी को पकड़ने के लिए थानाध्यक्ष पंकज रावत ने नारायणपुर के झारखंड बोर्डर पर चेक पोस्ट लगाकरे आने जाने वालों को चेक करते नजर आये।

जयपुर में होली खेलते नन्हे मुन्ने बच्चे।

बौंसी | उमंग सद्भाव और आपसी भाईचारे के पर्व होली में लोक संस्कृति की परंपरा में बदलाव ना के बराबर हुआ है। होली के अवसर पर गाए जाने वाले लोक सांस्कृतिक गीतों का क्रेज आज भी गांव से लेकर शहरों में हो रहा है। होली के मौके पर टोली बनाकर फगुआ और झुमटा के पारंपरिक गीत गाने की परंपरा में नयापन जरूर आया है, मगर इसकी धूम अभी भी जारी है। जिसका श्रेय खासकर ग्रामीण लोगों एवं शहर के नए युवा पीढ़ियों को जाता है, जो इस परंपरा को कायम रखने में शान की बात समझते हैं।
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