पौष्टिक आहार पर ध्यान देने की जरूरत
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विज्ञान केन्द्र, बांका में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डाॅ. मुनेश्वर प्रसाद ने करते हुए कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही है ऐसे में महिलाआें को कृषि के क्षेत्र में महिलाओं को आगे आकर पौष्टिक आहार पर भी ध्यान देने की आवश्कता है। महिलाओं को पौष्टिक आहार तत्व रसोईघर से प्राप्त होती है।
यदि महिलाएं अपने रसोईघर में पर्याप्त मात्रा में हरी सब्जी और दाल का उपयोग करें तो पूरा परिवार स्वस्थ्य रहेगा। इसके लिए घर के आस-पास किचेन गार्डेन तैयार कर प्रत्येक मौसम में सब्जी एवं फल लगावें तो पूरे साल गुणवत्तापूर्ण सब्जी एवं फल मिलती रहेगी। यह प्रयास पूरे परिवार, समाज और और देश में पौष्टिक आहार पाने में मील का पत्थर साबित होगा।
श्री प्रसाद ने फल में आम, अमरूद एवं नींबू लगाने पर बल देते हुए कहा कि आम का प्रभेद आम्रपाली में अपेक्षाकृत अधिक विटामिन ’ए’ रहता है और हर साल इसमें फल आता है, इसलिए आम्रपाली आम लगाने का सुझाव दिया। विटामिन सी की कमी को पूरा करने के लिए खाने में प्रत्येक दिन कम-कम आधा नींबू का सेवन करने का सुझाव दिया।
उन्होंने विलुप्त हो रहे अनाज मडुआ एवं रागी के बारे में बताया कि इनमें कैल्सियम काफी मात्रा में पाया जाता है, अतः इसे फिर से अपनाने की आवश्कता है। केन्द्र के पशु वैज्ञानिक डाॅ0 धर्मेन्द्र कुमार, सुश्री जुबुली साहू, सुश्री जुलियस मुन्ना ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये।
महिलाओं को संबाेधित करते कृषि वैज्ञानिक।