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बालू के बाेरे पर टिका है सुखनियां पर बना पुल, कभी भी ठप हाे सकता है झारखंड काे जाेड़ने वाला मार्ग

एक वर्ष पहले
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बिहार- झारखंड को उत्तर पूर्व राज्यों से जोड़ने वाले स्टेट हाईवे-19 पर बना सुखनिया नदी के पुल का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। यह पुल कभी भी ध्वस्त हो सकता है। इससे करीब सात राज्यों का संपर्क इससे भंग हो सकता है। विदित हो कि एसएच- 19 पर बना यह पुल व्यवसायिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है और बंगाल, ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भारी वाहन इस मार्ग होकर नेपाल, आसाम, सिक्किम सहित अन्य राज्यों में जाते हैं। 40 साल पुराने इस पुल की हालत काफी जर्जर हो गई है। पुल में दो जगहों पर दरारे हैं। भारी वाहनों का भार सहने में पुल पूरी तरह से अक्षम है।

तीन वर्ष पूर्व इस पुल के दो पाए के बीच में बड़ा सा होल हो गया था, आनन फानन में इस पर आवागमन बंद कर मरम्मती कराई गई थी। इसके बाद बालू का बोरा भरकर इसपर आवागमन आरंभ करा दिया गया, लेकिन इसके बाद पथ निर्माण विभाग उदासीन हो गया। प्रतिदिन 100 टन से अधिक क्षमता वाले वाहन इस पुल से होकर गुजरते हैं। वाहन गुजरते समय पुल में कंपन होता है। पुल काफी संकरा है, जिससे वाहनों का जाम लगा रहता है।

लगातार भारी वाहनों के परिचालन से पुल की क्षमता दिन- प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है। लेकिन न तो जनप्रतिनिधि और न ही जिले के अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं।

40 साल पुराने पुल के अधिकांश पाये हैं क्षतिग्रस्त

सुखनियां पुल में कुल 29 पाये हैं जिनमें कई जर्जर हैं। पाया संख्या 14, 15 एवं 17 व 18 के बीच में काफी क्षतिग्रस्त हैं। इनमें प्लास्टर एवं छत की ढलाई टूट कर गिर रही हे। जबकि लोहे का राॅड जंग खाकर नष्ट हो गया है। ऐसे में पुल की क्षमता घटकर काफी कम हो गई है। जबकि 27 एवं 28 पाया संख्या के बीच में टूटकर बड़ा सा होल हो गया था, जिसे 2017 में बालू के बोरे से भरा गया था। पुल पर अत्यधिक लोड की वजह से इस इसकी आयु लगभग समाप्त हो गई है। अगर समय रहते इस पर पथ निर्माण विभाग के द्वारा ध्यान नहीं दिया गया, तो इस पुल पर किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

दस करोड़ का डीपीआर बनाकर भेजा गया है

पथ प्रमंडल के द्वारा 10 करोड़ रुपए का डीपीआर बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही इसपर काम आरंभ हो सकेगा। फिलहाल पुल पर निगरानी रखी जा रही है।
-रामसुरेश राय, कार्यपालक अभियंता, पुल निर्माण निगम

बालू के बोरे पर टिका सुखनियां नदी पर बना पुल।
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