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- Dhoraiya News Three Physicians Have A Population Of Two And A Half Million And Also The Burden Of The Villages Of Jharkhand
तीन चिकित्सकों पर है ढाई लाख की आबादी व झारखंड के गांवों का भी भार
स्वास्थ्य सेवा को बेहतर से बेहतरीन बनाने को ले सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। सरकारें बदली, व्यवस्था बदली लेकिन चिकित्सकों की कमी आज भी सरकारी अस्पतालों में देखी जा रही है यही कारण है की व्यवस्था बदलने के बाद भी चिकित्सकों की कमी की वजह से अक्सर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया जाता है। जिससे मरीजों के साथ साथ उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक परेशानी उठानी पड़ती है।
चिकित्सकों की कमी से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरायी
धोरैया में ढाई लाख की अबादी तीन चिकित्सकों पर निर्भर है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धोरैया में तीन चिकित्सक पदस्थापित है। जिसकी वजह से प्रखंड क्षेत्र की एक बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्थिति यह है कि 3 डॉक्टरों को क्षेत्र के ढाई लाख की आबादी के साथ-साथ पड़ोसी राज्य झारखंड के धोरैया से सटे दर्जनों गांवों के हजारों मरीजों का बोझ है। धोरैया सीएससी में चिकित्सा एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी की कमी होने से सीएससी की व्यवस्था चरमरा गई है। इतनी बड़ी आबादी के लिए सीएससी में मात्र 3 चिकित्सक कार्यरत हैं। उनमें से भी कोई अनुबंध पर है तो कोई अतिरिक्त प्रभार में कार्यरत है। अस्पताल में बीडीएस को छोड़ कई रोग के विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं है। लोगों की मानें तो चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों का बुरा हाल हो रहा है।
कोरोना से बचाव केे लिए अल्कोहल वाले सैनिटाइजर का करें इस्तेमाल
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया की अल्कोहल वाले सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। समय समय के अंतराल पर साबुन-हैंडवाश से नियमित हाथ साफ करें। खांसने और छींकने के दौरान टिश्यू पेपर, रुमाल अथवा हाथ के कोहनी से अपनी नाक और मुंह को कवर करें। सर्दी, बुखार, जुकाम जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डाॅ से मिले एवं वैसे लक्षण वाले व्यक्ति से तकरीबन 3 फीट की दूरी बनाएं रखें।
सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धोरैया।
चिकित्सकों की कमी से विभाग को अवगत कराया गया पर हुआ कुछ नहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्याम सुन्दर दास ने कहा कि पत्र के माध्यम से सीएस बांका से चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की स्थिति से अवगत कराया है, परन्तु विभाग की ओर इस दिशा में कोई भी पहल नहीं की गई। कोरोना वायरस से डर के संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी श्याम सुन्दर दास ने बताया कि बदलते मौसम के कारण पिछले एक सप्ताह से सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।
कोरोना वायरस आमलोगों में भय
कोरोना ने कई राज्यों में अपना पांव पसार लिया है। इसके साथ ही आसपास के जिले तक कोरोना वायरस पहुंच चुकी है परंतु धोरैया में इसका प्रकोप फिलहाल देखने को नहीं मिला है परंतु लोग डरे-सहमे हैं। चिकित्सकों की कमी के साथ संसाधनों की कमी में इस वायरस के इलाज का भार यह स्वास्थ्य केंद्र कैसे उठा पायेगा इस बात को लोग भयभीत है। आम रोग का इलाज जब यहां संभव नहीं हो पाता है तो कोरोना का इलाज कैसे हो पाएगा यह विचारणीय प्रश्न सबके सामने है।
चिकित्सकों और संसाधनों की कमी के बीच केंद्र में कोरोना का इलाज कैसे होगा?