बखरी : परिजनों ने पुलिस पर ज्यादती का लगाया आरोप
बखरी बाजार के ट्रांसपोर्टर राजू सिंह एवं रोहित सिंह की गुरुवार को हुई गिरफ्तारी के बाद यहां देर रात तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। रोहित सिंह के घर पर छापेमारी करने पहुंची पुलिस को काफी विरोध का सामना करना पड़ा। परिजनों ने पुलिस पर बगैर किसी ठोस आधार के गिरफ्तारी और घर में छापेमारी किए जाने का आरोप लगाया है। दरअसल ट्रांसपोर्टर की गिरफ्तारी के बाद एसआई दुर्गेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल रोहित सिंह के घर पर छापेमारी करने पहुंची। पुलिस को देख रोहित की प|ी आलोकिका सिंह इसका कारण जानना चाहा और सर्च वारंट की मांग करने लगी। लेकिन पुलिस द्वारा छापेमारी अभियान जारी रहा। इसी को लेकर हो हंगामा होने लगा। छापेमारी के पश्चात लोगों के विरोध के बीच पुलिस वहां से निकल गई। देर शाम जब लोगों को रोहित एवं राजू को बखरी थाना पर लाए जाने की सूचना मिली तो परिजनों के अलावा दर्जनों की संख्या में लोग थाना के समीप जुटने लगे। मौके की नज़ाकत को भांपते हुए थाना के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया। साथ ही नावकोठी, परिहारा सहित अन्य थाना की पुलिस के अलावा दंगा नियंत्रण वाहन को बुला लिया गया था। रात्रि करीब 11 बजे भारी संख्या में पुलिस बल की चहलकदमी शुरू होते ही धीरे-धीरे लोग वहां से खिसकने लगे।
आरोप : थानाध्यक्ष निजी खुनस निकाल रहे हैं
इधर रोहित सिंह की प|ी ने बखरी थानाध्यक्ष पर ज्यादती करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि थानाध्यक्ष मुकेश पासवान उनके पति के साथ निजी खुनस निकाल रहे हैं। उनके पति की गिरफ्तारी की जानकारी उन्हें काफी देर बाद छापेमारी के लिए पुलिस के पहुंचने पर मिली।
परिजनों का आरोप बेबुनियाद : थानाध्यक्ष
इधर थानाध्यक्ष मुकेश पासवान ने परिजनों के आरोप को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि उक्त दोनों के खिलाफ पुलिस के पास पुख्ता सबूत है। पुलिस द्वारा कोई ज्यादती नहीं की गई है।
ट्रांसपोर्टर की गिरफ्तारी के बाद देर रात
तक चलता रहा हाईवोल्टेज ड्रामा