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वित्तरहित शिक्षकों ने हड़ताल से खुद को किया अलग, आज से मूल्यांकन करेंगे
पिछले 25 फरवरी से इंटर के उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे वित्त रहित शिक्षकों ने होली से एक दिन पहले हड़ताल से खुद को अलग कर लिया है। साथ ही नौ मार्च से मूल्यांकन कार्य में योगदान करने का भी एलान किया है। सोमवार को जिले के 413 वित्त रहित शिक्षक मूल्यांकन कार्य में लौट जाएंगे जिससे मूल्यांकन कार्य में भी तेजी आएगी।
दरअसल वित्त रहित अनुदानित शिक्षक संघर्ष कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले रविवार को वित्त रहित कॉलेजों के प्रधान और शिक्षकों की आपात बैठक सीए बीएस कॉलेज खम्हार में बुलाई गई। जिसमें 22 फरवरी को अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग से वार्ता के आलोक में छात्रों, शिक्षक और संस्थान के हित में मोर्चा शिक्षक परीक्षक इंटरमीडिएट मूल्यांकन में भाग लेने का निर्णय लिया। इस बैठक में जिला संयोजक रामाज्ञा प्रसाद सिंह, अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष संजय कुमार, एम आरजेडी कॉलेज के प्राचार्य अशोक कुमार सिंह, सी एबीएस कॉलेज के प्रधानाचार्य मोहन कुमार, एस. कमाल के प्रधानाचार्य आदित्य कुमार, .एसएनएनआर कॉलेज के शिक्षक प्रतिनिधि केदार प्रसाद सिंह, अनिल कुमार ठाकुर सहित अन्य शिक्षक मौजूद थे।
एसएनएनआर कॉलेज चमथा के प्राचार्य प्रो अशोक कुमार सिंह ने बताया कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मूल्यांकन कार्य में शामिल होने का निर्णय लिया गया है। सरकार वित्त रहित शिक्षकों की मांगो पर पहले ही अपनी सहमति दे चुकी है ऐसे में हड़ताल का कोई औचित्य नहीं रह गया था।
मालूम हो कि पिछले 13 दिनों से माध्यमिक शिक्षक और वित्त रहित शिक्षक इंटर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं। इसके अलावे अन्य नियोजित और नियमित शिक्षक भी इस हड़ताल में शामिल हैं जिसके कारण अबतक इंटर का मूल्यांकन कार्य काफी धीमी तरीके से चल रहा है। मूल्यांकन कार्य में काफी धीमी होने के कारण समय पर मूल्यांकन कार्य संपन्न नहीं होने को लेकर जिले से हिन्दी विषय की 45 हजार कॉपी जिले से वापस कर दी गई है।
माध्यमिक शिक्षकों के आंदोलन पर पड़ेगा असर
दरअसल माध्यमिक और वित्त रहित शिक्षक संघ ने एक साथ ही 25 फरवरी से मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार शुरू किया था। लेकिन बीच में वित्त रहित शिक्षकों के हड़ताल से खुद को अलग कर मूल्यांकन में योगदान करने के फैसले से अब मूल्यांकन कार्य प्रभावित होने के बजाए उसमे तेजी आएगी। अगर मूल्यांकन कार्य समय पर समपन्न हो गया तो अन्य शिक्षकों के हड़ताल पर असर जरूर पड़ेगा।
डीईओ ने कहा इंटर के बाद अब मैट्रिक मूल्यांकन
पर भी नहीं पड़ेगा असर
इस संबंध में डीईओ देवेन्द्र कुमार झा ने बताया कि वित्त रहित शिक्षकों के वापस आ जाने के कारण परीक्षकों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि हो जाएगी। इनसे अब इंटर की कॉपी की जांच कराई जाएगी। फिर मैट्रिक में भी जरूरत पड़ने पर काम लिया जा सकता है। डीईओ ने कहा है कि वित्त रहित शिक्षकों की तरह ही अन्य शिक्षकों को भी छात्रों के भविष्य को लेकर मूल्यांकन कार्य में योगदान कर लेना चाहिए।
मूल्यांकन नहीं होने के कारण 45 हजार हिन्दी की कॉपी हुई वापस