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बेमौसम बारिश मेंे गेहूं, सरसों व दलहन की फसल के बर्बाद होने से किसान हुए परेशान
शुक्रवार से लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश से किसान परेशान हैं। बारिश से सरसों, गेहूं की फसल के अलावा आम व लीची के मंजरों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। पछुआ हवा के साथ हो रही बारिश से जहां किसानों के गेहूं की फसल को खासा नुकसान हो रहा है वहीं फल उत्पादक किसानों के भी मंजर झरने की मार सहनी पड़ सकती है। अधिकतर बालियों से लदी गेहूं की फसल इस बारिश से जमीन पकड़ चुकी है। इसके चलते गेहूं की फसल सड़ने की संभावना को लेकर किसानों में हाहाकार मचा हुआ है। शाहपुर पंचायत के किसान नंदलाल महतो, भागीरथ चौधरी, राजकुमार चौधरी, एकंबा के किसान रंजन सिंह, रामकृपाल सिंह, रथीन्द्र कुमार सिंह समेत अन्य किसानों ने बताया कि इस बारिश से अगर सर्वाधिक नुकसान होगा वह गेहूं की फसल है। कृषि विशेषज्ञ अनीश कुमार की मानें तो 20 दिन के भीतर दूसरी बार हुई बारिश से तेलहन व दलहन की फसल भी प्रभावित हुई है।
नुकसान की सूचना नहीं
इस संबंध में बीएओ रामकिशोर शर्मा ने बताया कि बारिश रूक-रूककर हो रही है कही से भी फिलहाल फसलों के नुकसान होने की सूचना नहीं मिली है। उन्होनें बताया कि इस अवधि में बीते 24 घंटे के दौरान 12.04 एमएम वर्षानुपात दर्ज किया गया है। बारिश तथा मौसम के सामान्य होने पर संबंधित पंचायत के कृषि कर्मियों से आंकलन के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितना नुकसान हुआ है। उसके बाद जितना संभव होगा किसानों की मदद की जाएगी।
बछवाड़ा में काटकर रखी फसल बर्बाद, किसानों के चेहरे लटके
बछवाड़ा | प्रखंड क्षेत्र में बेमौसम बारिश और उसके साथ हवा चलने से किसानों की गेंहूं व सरसो कि फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। खासकर गेहूं, मसूर, चना, सरसों, मटर तथा अन्य फसल के लिए काफी नुकसान हुआ है। रबी फसल के अंतर्गत आनेवाली दलहन तथा तेलहन फसल की कटाई शुरू होने से पहले ही कई किसानों की फसल नष्ट हो गई है। किसान शिवदानी राय, रामकुमार चौधरी, मणि कुंवर, रामविलास राय आदि किसानों का कहना है कि तेज बारिश व हवा की चपेट मे आने से फसलें सब चौपट हो गईं हैं। गेहूं, सरसों सहित अन्य फसल खेतों में तेज बारिश से तहस-नहस हो गए हैं। झमटिया के किसान राजकुमार चौधरी, सुरों गांव के किसान उमाशंकर राय, रानी एक पंचायत के हरेराम कुंवर, गोधना पंचायत के दुनियांलाल महतो आदि ने बताया कि गेहूं और सरसों के फसल में जुताई से लेकर फसल बुआई तक हजारों रुपए का खर्च आया लेकिन बारिश के साथ तेज हवा चलने से फसल बर्बाद हो गया। वहीं आम के पेड़ में लगे मंजर पर भी प्रभाव पड़ा है, प्रखंड क्षेत्र के अधिकतम किसानों ने खेती के लिए महाजन या बैंक से केसीसी कर्ज लेकर खेती की है और उन्हें एक उम्मीद थी कि फसल कटने के बाद कर्ज चुकाएंगे एवं खुद भी कुछ आमदनी होगी लेकिन सभी के उम्मीदों पर आंधी व बारिश ने पानी फेर दिया है। इन किसानों ने भी अधिकारियों से गुहार लगाई है कि उनकी सभी कर्ज माफ़ कर दिए जाए। मामले को लेकर बीएओ संजय कुमार शर्मा ने बताया कि बारिश से हुए नुकसान फसल का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के बाद वरीय पदाधिकारी को भेजा जाएगा।
चेरियाबरियापुर में मसूर, केराव की फसल को हुई भारी क्षति, अन्नदाता मायूस
चेरियाबरियारपुर | क्षेत्र में हुई बेमौसम की बारिश से प्रखंड क्षेत्र में लगी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज पछुआ हवा के साथ आई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। किसानों के अनुसार सबसे अधिक नुकसान तेलहन एवं दलहन की फसलों को पहुंचा है। गेहूं के साथ-साथ सब्जी को भी भारी क्षति हुई है और पैदावार में भारी गिरावट होने की आशंका है। क्षेत्र के किसान कारी सिंह, अवनीश कुमार, सुबोध महतो, रंजीत सिंह, अनमोल कुमार शरण, मो मोकीम, मो इस्लाम आदि ने बताया कि कई एकड़ में लगी सरसों की पकी फसल को भारी नुकसान हुआ है ।कई किसानों ने मसूर, केराव, सरसों आदि फसल को काटकर खेतों में जमा किया था जिन्हें क्षति पहुंची है । तेज पछुआ हवा के कारण भी खेतों में लगी फसलें गिर गई हैं ।किसानों ने जिला कृषि पदाधिकारी से फसलों का निरीक्षण करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
बेमौसम बारिश से दलहन, तेलहन व गेहूं की फसल प्रभावित
वीरपुर | शुक्रवार से हो रहे बेमौसम बारिश से प्रखंड क्षेत्र में तेलहन व दलहन की फसल पर व्यापक असर पड़ा है। शुक्रवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश से दलहन व तेलहन की खेती को काफी नुकसान पहुंचा है। खेतों में तेलहन का फसल काट कर दौनी के लिए रखा हुआ है। जिन किसानों के खेत में फसल काट कर रखा हुआ है उसमें अंकुरण होने की प्रबल आशंका है। किसानों के सारी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। किसान प्रकृति की इस मार के सामने बेबस नजर आ रहे हैं। जगह-जगह गेहूं की खड़ी फसल भी गिर गई है। जिससे उसके उत्पादन पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। आम के मंजर भी बड़े पैमाने पर गिर गए हैं।
बदलते मौसम में क्षेत्र के अन्नदाता की सूख रही हलक
बरौनी | तकरीबन 50 घंटे से भी अधिक समय से रुक-रुक कर हो रही इस बारिश ने आम जनजीवन को भी अस्त-व्यस्त कर दिया है। साथ ही 12 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पछुआ हवा ने दोबारा ठंड को वापस ला दिया है। तापमान तकरीबन 8 डिग्री से भी नीचे आ गया है। फसल के बर्बाद होने और भारी आर्थिक नुकसान के भय से किसानों की हलक सूख रही है। दरअसल बरौनी, शोकहारा, फुलवरिया, पकठौल, मालती,पिपरा, सिमरिया, दुलारपुर व आस-पास के मौजा के हजारों एकड़ जमीन में लगाई गई गेहूं की फसल अब पकने की स्थिति में है।
बारिश के बाद बर्बाद फसल।
बेमौसम बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता
नावकोठी | प्रखंड क्षेत्र में हुई बेमौसम की बरसात ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही है। शुक्रवार की रात से हो रही बारिश से रबी फसल पर व्यापक कुप्रभाव पडा है। किसानों में यशवंत कुमार, दिनेश सिंह, नवनीत कुमार, श्याम महतो, हरि नदन महतो, रामनाथ सिह, अरविंद कुमार, जनार्दन यादव आदि ने बताया कि खेतों में रैंचा काटकर दौनी के लिए रखा था बारिश होने से भींग गया। उसे सुखाकर दौनी करने में काफी नुकसान हो जाएगा। दूसरी ओर गेहूं के खेत गीले हो गए हैं। हवा के हलके झोंके से गिरने की आशंका से हलक सूख रहे हैं। गेहूं के गिर जाने पर इसके उत्पादन प्रभावित होगा। पशुपालक किसानों को पशुओं का चारा जुटाने में काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है। वर्षा में पशु एवं स्वयं के भींग जाने से बीमार होने की आशंका से सहमे हुए हैं।
बारिश के बाद बर्बाद फसल।
आम और लीची के मंजरों को भी हुई क्षति पछुआ हवा चलने से फसलों को नुकसान
बेमौसम बारिश से दलहन व तेलहन प्रभावित, गेहूं को भी नुकसान
भगवानपुर। बेमौसम बारिश से प्रखंड क्षेत्र में तेलहन व दलहन की फसल पर व्यापक असर पड़ा है। शुक्रवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश से दलहन व तेलहन की खेती को काफी नुकसान होने का अनुमान है। फसल का कटाई का समय अभी है। किसान फसल को काट ही रहे थे कि बेमौसम बारिश शुरू हो गई। खेतों में तेलहन का फसल काट कर दौनी के लिए रखा हुआ है। जिन किसानों के खेत में फसल काट कर रखा हुआ है उसमें अंकुरण होने की प्रबल आशंका है। किसानों की सारी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। किसान प्रकृति की इस मार के सामने बेबस नजर आ रहे हैं। किसान अपनी बर्बाद होती फसल को देखकर चिंतित है। जगह-जगह गेहूं की खड़ी फसल भी गिर गई है। गेहूं के उत्पादन पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। आम के मंजर भी बड़े पैमाने पर गिर गए हैं।
24 घंटों में 12.04 एमएम वर्षानुपात किया गया दर्ज, मौसम की मार से परेशान हो रहे हैं किसान
बारिश के बाद बर्बाद फसल।