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- Begusarai News In Sabdalpur Rupesh Also Broke His Cry As Soon As His Body Reached
सबदलपुर में रुपेश ने भी तोड़ा दम शव पहुंचते ही मची चीख-पुकार
थाना क्षेत्र के सबदलपुर गांव में गुरुवार को रुपेश यादव का शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। इसके साथ ही मृतकों की संख्या दो हो गई है। जबकि तीसरा भी बेगूसराय के किसी निजी अस्पताल में इलाजरत जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इस दोहरे हत्याकांड ने एक गरीब परिवार को पूरी तरह से उजाड़ कर रख दिया है। रुपेश के शव को देखते ही जहां मृतक की प|ी त्रिपुल देवी रो रोकर बेहोश हो जा रही थी जिसके कारण वहां का माहौल गमगीन हो गया। वहीं मृतक के तीन पुत्री व एकमात्र पुत्र के रोते देख लोग आरोपी को कोसते नजर आए। लोग यह कहते हुए नहीं थक रहे हैं कि हत्यारे ने निर्दोष गरीब का घर उजाड़ कर अच्छा नहीं किया। मृतक की मां पबिया देवी और बहन रोते-रोते अचेत हो जा रही थी।
दबंगों ने मामूली विवाद में तीन लोगों को गोलीमार कर किया था जख्मी : विदित हो कि मंगलवार को जहां लोग होली के रंग में सराबोर हो रंगोत्सव का जश्न मनाने में मशगूल थे। वहीं सबदलपुर गांव में कुछ दबंगों ने मामूली से विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों को गोली मारकर जख्मी कर दिया। जिसमें पशुपति यादव उर्फ पोषण यादव की उसी वक्त मौके पर ही मौत हो गई। जबकि झाखो यादव एवं उनके पुत्र रुपेश यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए बेगूसराय के किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान रुपेश यादव बुधवार की देर शाम को अपनी जिंदगी और मौत के बीच जंग हार गए।
गांव में पसरा मातमी सन्नाटा : हालांकि बताया जा रहा है कि रुपेश की मौत आरोपियों द्वारा उनके सिर पर किए गए लकड़ी के खूंटे के प्रहार से आई गंभीर चोट के कारण अधिक खून गिर जाने से हुई है। इनकी मौत की खबर मिलते ही गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। पोस्टमार्टम के बाद मृतक रुपेश के शव को अंतिम संस्कार के लिए गुरुवार को घर लाया गया।
ईंट भट्ठा पर काम कर परिवार का करता था भरण पोषण
मृतक रुपेश तीन भाई में सबसे बड़ा था और अपने घर का कमाऊ सदस्य था। वह ईंट भट्ठा पर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। इनकी मौत हो जाने से परिवार के ऊपर भरण-पोषण की समस्या उत्पन्न हो गई है।
पुलिस की निगरानी में किया गया अंतिम संस्कार
इस घटना को लेकर खौफ का आलम यह है कि मृतक का शव घर पर पहुंचने के बाद भी ग्रामीण भय के मारे शव को देखने व उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने से भी बचते नजर आए। मृतक के सगे-संबंधी एवं परिवार के सदस्य ही उनके अंतिम संस्कार के लिए भागदौड़ करते नजर आ रहे थे। परंतु ग्रामीणों की संख्या काफी नगण्य थी। गांव की गलियां एवं सड़कें भी सुनसान दिख रही है। आसपास के लोग भी बाहर निकलने की बजाय अपने-अपने घरों में दुबके हुए हैं। हालात को देखते हुए पुलिस अभिरक्षा में दोनों मृतकों के शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
सबदलपुर में मृतक रुपेश के शव पर विलाप करते परिजन।