मनुष्य को हर घड़ी को अंतिम घड़ी ही मानकर भगवत भजन में लगाना चाहिए : कंचन दीदी

Begusarai News - प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का...

Nov 19, 2019, 07:07 AM IST
Bkhri News - man should consider every watch as bhagwat bhajan as the last moment kanchan didi
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आध्यात्मिक रहस्य विषयक कथावाचन के तीसरे दिन व्यासपीठ पर विराजमान राजयोगिनी कंचन दीदी ने कहा कि जब भी हम भगवान की कथा सुनते हैं, तो हर बार एक नई ऊर्जा मिलती है। यह कथा कभी पुरानी नहीं होती, वरन हर दिन अमृत छकने का अवसर मिलता है। भगवान का ज्ञान हम सभी को यह संदेश देता है कि जीवन अनमोल है, इसे सार्थक बनाएं। परमात्मा कहते हैं कि मानव मात्र को अपनी हर घड़ी को आखिर घड़ी मानकर भगवत भजन और सत्कर्मों में लगाना चाहिए। मृत्यु अटल है। किन्तु लोग अपने जीवन को संवारने में लगे रहते हैं। कथा प्रवेश करते हुए दीदी ने राजा परीक्षित व कलयुग के संवाद प्रसंग को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कलयुग का ही प्रभाव है कि मनुष्य लोभ, मोह, लिप्सा, काम के वशीभूत होकर पापकर्म में लिप्त हो जाता है। राजा परीक्षित को तो अपनी मृत्यु का सात दिनों में मृत्यु का ज्ञान था। किन्तु मनुष्य को तो इसका भी ज्ञान नहीं है। इंसान साथ छोड़ देता है, लेकिन जिसने भगवान को अपना साथी बना है, भगवान उसका साथ कभी नहीं छोड़ता। इससे पूर्व श्रीमद्भगवद्गीता कथा के आध्यात्मिक रहस्य विषयक कथावाचन का दीप प्रज्ज्वलित कर पार्षद सिधेश आर्य, अधिवक्ता सुरेन्द्र केसरी, गायत्री परिवार के बनवारी लाल वर्मा आदि ने शुभारंभ किया। वहीं अतिथियों ने व्यासपीठ पर विराजमान राजयोगिनी कंचन दीदी को बुके देकर अभिनंदन भी किया। मौके पर पूर्व मुखिया सुरेन्द्र राय, अमरनाथ गोस्वामी, दिनेश मिस्त्री, नंदकिशोर, मनोजजी आदि मौजूद थे।

श्रीमद्भागवत कथा वाचन।

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