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- Bettiah News Irregularity In Implementation Of Schemes And Maintenance Of Records In 334 Wards
334 वार्डों में योजनाओं के क्रियान्वयन और अभिलेखों के संधारण में मिली अनियमितता
जिले के 18 प्रखंड की विभिन्न पंचायतों के334 वार्डों में मुख्यमंत्री ग्रामीण नल-जल व पक्की गली-नाली योजनाओं के क्रियान्वयन व अभिलेखों के संधारण में बरती गई भारी अनियमितता के मामले में वार्ड सदस्य, पंचायत सचिव, सहायक अभियंता, वार्ड क्रियान्वयन व प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सचिव कार्रवाई के जद में आए गए हैं। सभी लोगों से पंचायती राज विभाग की आेर से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जबकि डीएम कुंदन कुमार ने सभी बीडीओ को स्वयं, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी व प्रखंड पर्यवेक्षीय स्तर के पदाधिकारी से अनियमितताओं की जांच करा कर बरती गई अनियमितताओं का अद्यतन स्थिति स्पष्ट करते हुए तीन दिनों के अंदर मंतव्य के साथ देने का सख्त निर्देश दया है। ताकि बीडीओ के प्रतिवेदन के आधार पर नल-जल व पक्की गली-नाली योजना में अनियमितता बरतने वाले संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जायेगी। साथ ही नीलाम पत्र वाद दायर कर राशि वसूली की जाएगी। इसके अलावे दोषी मुखिया के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम 2006 की धारा 18(5) के तहत कार्रवाई जायेगी।
नल जल याेजना के तहत बनी पानी टंकी।
जांच के दौरान पाई गई थीं ये अनियमितताएं
नल-जल व पक्की नाली-गली योजनाओं के जांच के दौरान योजना स्थल पर योजना का बोर्ड नहीं होना, योजना पुराने होने के बाद अपूर्ण रहना, पेयजल कार्य ठेकेदार से कराना, मानक के अनुरूप बोरिंग की गहराई नहीं होना, पेयजल के लिए टंकी बैठना, पर घर-घर कनेक्शन नहीं देना, घटिया सामग्रियों का प्रयोग करना, बिजली कनेक्शन नहीं लेना व पीतल की जगह प्लास्टिक के नल का प्रयोग किया गया है।
सबसे ज्यादा नौतन व मझौलिया में गड़बड़ी
नल-जल व पक्की नाली-गली योजना में सबसे ज्यादा अनियमितता के मामले नौतन व मझौलिया में 33-33 व योगापट्टी प्रखंड में में 27 पाये गए हैं। जबकि सबसे कम पिपरासी प्रखंड में मात्र 3 मामले सामने आए हैं। इसके अलावे भितहां में 12, ठकराहां में 14, बैरिया 21, बेतिया में 15, बगहा-एक में 11, बगहा-दो में 10, मधुबनी में 10, गौनाहा में 19 प्रखंडों में गड़बड़ी मिली।
तीन सदस्यीय दल ने
की थी मामले की जांच
मुख्यमंत्री नल-जल एवं पक्की नाली-गली क्रियान्वित योजनाओं का त्रिस्तरीय जांच दल ने स्थलीय जांच की थी। जिसमें वरीय पदाधिकारी, लेखापाल सह आईटी सहायक व तकनीकी सहायक शामिल थे। संयुक्त जांच में यह बात सामने आई थी कि जिले के 18 प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के 334 वार्डों में नल-जल व पक्की नाली-गली क्रियान्वयन में अनियमितता बरती गई है।