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शहर में अब तक शुरू भी नहीं हुई नालों की मैनुअल सफाई

एक वर्ष पहले
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शहर में अबतक मैनुअल सफाई का कार्य आरंभ नहीं हो सका है। इसका कारण सभापति गरिमा देवी सिकारिया पर लगे अविश्वास प्रस्ताव के बाद उत्पन्न हुई खेमाबंदी माना जा रहा है। कुछ नगर पार्षदों से लेकर नपकर्मी तक आये अविश्वास के बाद सह व मात के खेल में मशगूल हैं। कोरोना पर जारी हाई अलर्ट के बीच करीब दो सप्ताह शहर की साफ सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी ही हो रही है। खुदाबख्श चौक व नया बाज़ार चौक पर एक सप्ताह से नाली के पानी से हुई जलजमाव से शहर में महामारी का खतरा उत्पन्न हो सकता है। इधर अविश्वास के प्रस्ताव पर पार्षदों की गोलबंदी के बीच सभापति गरिमा देवी सिकारिया के पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर कर देने से मामला और पेंचीदा हो गया है। बताया जाता है कि नप कार्यालय व प्रशासनिक महकमे के भी अविश्वास में किसी न किसी खेमे से टैग हो जाने से नप कार्यालय के सामान्य काम काज पर भी असर दिख रहा है। मार्च महीने का करीब आधा बीत जाने के बावजूद शहर के नालों की मैनुअल सफाई व उड़ाही अब तक शुरू भी नहीं हो सकी है। जबकि इससे पूर्व खुद नप सभापति सफाई कार्य में उत्सुक रहा करती थी। जबकि कोरोना जैसे जानलेवा वायरस पर हाई अलर्ट के बीच दैनिक साफ सफाई, नाला उड़ाही और सड़कों पर जल जमाव से शहर में महामारी के खतरा से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

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