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नल-जल याेजना में बिछाई गई पाइप की क्वालिटी की पीएचईडी विभाग के लैब में होगी जांच : डीएम

एक वर्ष पहले
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जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि नल-जल योजना को लेकर बिछाई जाने वाली पाइप लाइन की गहराई की जांच कराई जायेगी। पाइन लाइन की गहराई मानक के अनुरुप यानि 3 फीट होनी चाहिए। इसके अलावे बिछाई गई पाइप के गुणवत्ता की जांच पीएचईडी विभाग के लैब में कराई जायेगी। अगर इसमें किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है,तो योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित लोगों को जेल भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि नल-जल व पक्की गली-नाली योजना में किसी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कितनी राशि कब निकासी की गई, किसने निकाला व निकासी के बाद राशि को किसको दी गई? राशि निकासी के बावजूद एक साल से ज्यादा समय से काम पेडिंग क्यूं है? सकी जांच के लिए जिला से लेकर प्रखंड स्तर पर टीम गठित की गई है। गड़बड़ी पाये जाने पर बीडीओ सीधे संबंधित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं।

त्रिस्तरीय टीम के अलावा जिला पंचायती राज कार्यालय में गठित सेल भी रखेगा नजर

डीएम ने बताया कि नल-जल एवं पक्की गली-नाली योजनाओं में किसी तरह की घालमेल नहीं चलेगा। जहां योजना पूर्ण हो चुकी है, वहां की अभिलेखों को संधारण करना होगा। योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर उसके अभिलेखों के संधारण के लिए त्रिस्तरीय टीम के अलावे जिला पंचायती राज कार्यालय में एक तकनीकी सेल भी नजर रखेगी। अभिलेखों का संधारण करने के बाद उसे एमआईएस पर भी अपलोड करना होगा। इतना ही नहीं नल-जल योजनाओं के लिए कैंप लगाकर कनेक्शन भी दिया जायेगा। ताकि गर्मी के मौसम में हर घर को नल का जल मिल सके।

जिला स्तर पर डीडीसी व अनुमंडल स्तर पर एसडीएम को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी


डीएम कुंदन कुमार ने बताया कि नज-जल व पक्की गली-नाली योजनाओं की मॉनिटरिंग जिला स्तर पर डीडीसी करेंगे। वही अनुमंडल स्तर पर एसडीएम करेंगे। इसके अलावे संबंधित बीडीओ क्रियान्वित हो रही योजनाओं तकनीकी टीम के सदस्यों के साथ प्रतिदिन प्रवेक्षण करेंगे। जिसमें नल-जल योजना में पाइप की गहराई, उसकी गुणवता, लगने वाले नल की क्वालिटी(पितल का नल) आदि की जांच करेंगे। इसके अलावे पक्की गली-नाली योजनाओं की गुणवता पर भी नजर रखेंगे। अगर किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है,तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रपत्रों में प्रतिवेदन भेंजेन का निर्देश बीडीओ को दिया गया है।


योजना का नहीं मिल रहा लाभ, जांच की मांग

लालसरैया | मझौलिया प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना कार्यक्रम के तहत नल जल एवं गली नाली योजना में काफी अनियमितता एवं जांच के नाम पर कागजी खानापूर्ति की शिकायत को भारतीय मानवाधिकार परिषद के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार तिवारी ने जिला पदाधिकारी से अपने स्तर से जांच करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि विभिन्न पंचायतों में भ्रमण के दौरान देखा गया कि 90% घरों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पाई है ।मानक के विपरीत पाइप का जाल बिछाया गया है लोगों के द्वारा बताया गया कि कई बार इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की गई तो केवल जांच करने की बात बताई जाती है। जांच भी किया जाता है तो वार्ड क्रियान्वयन समिति के मेल में आकर जांच दल एवं आज स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी केवल कागजी खानापूर्ति करके ही रह जाते हैं। जिला पदाधिकारी द्वारा अपने स्तर से जांच होगी तो मामला खुलेगा।

नल जल के लिए रखी पाइप।

नल जल के लिए खाेदे गए गड्ढे।
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